नई दिल्ली : दिल्ली के कई प्रमुख सरकारी भवनों, जैसे पुराना संसद परिसर, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भवन और प्रगति मैदान के भारत मंडपम के कुछ हिस्सों के फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र (एफएससी) का नवीनीकरण फायर सेफ्टी संबंधी अनसुलझी समस्याओं के कारण अटक गया है। दिल्ली फायर ब्रिगेड सेवा (डीएफएस) के निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं, जिसके चलते प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार किया गया।
भारत मंडपम और संसद परिसर में कमियांप्रगति मैदान के भारत मंडपम (हॉल ए2 से ए5) के निरीक्षण में अधिकारियों ने नॉन-ऑपरेशनल स्मोक कर्टेन्स, टूटे हुए फायर चेक दरवाजे और बेसमेंट में अप्रभावी वाटर कर्टन की समस्या पाई। पहले नोटिस के बावजूद ये मुद्दे अनसुलझे रहे। पुराने संसद भवन (संविधान सदन), लाइब्रेरी भवन, संसद और इसके विस्तार में भी सेफ्टी मानक पूरे नहीं हुए।
यहां अवरुद्ध सीढ़ियां, नॉन-फंक्शनल स्मोक मैनेजमेंट सिस्टम और अपर्याप्त हाइड्रेंट कवरेज देखा गया। बेसमेंट में अस्थायी कार्यालय और बिना फायर-रिटार्डेंट ट्रीटमेंट वाली लकड़ी की पैनलिंग को जोखिम माना गया। अधिकारियों को इन कमियों को ठीक करने का निर्देश दिया गया है। आरबीआई भवन में भी लापरवाहीसंसद मार्ग पर आरबीआई भवन के निरीक्षण में एयर हैंडलिंग यूनिट्स (एएचयू) में स्मोक डिटेक्टर का अभाव और बेसमेंट में स्मोक मैनेजमेंट सिस्टम की कमी पाई गई।
डीएफएस ने कहा कि इन कमियों को दूर किए बिना एफएससी नवीनीकरण संभव नहीं। फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मानकों का पालन न करना कर्मचारियों और इमारत के लिए खतरा है। एक अधिकारी ने कहा कि फायर सेफ्टी सुनिश्चित करना जरूरी है, तुरंत कदम उठाएं। सभी एजेंसियों को जल्द अनुपालन रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है। दस्तावेज डीएफएस वेबसाइट पर अपलोड हैं। इन भवनों में फायर तैयारी को लेकर चिंता बढ़ रही है।

