
नई दिल्ली, 15 मई 2025: भारत आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की शाखा ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए नया प्रमाण प्रस्तुत करेगा। यह कदम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की हत्या के बाद उठाया गया है।
TRF की भूमिका और भारत का नया प्रमाण
सूत्रों के अनुसार, भारत की तकनीकी टीम आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति में पाकिस्तान के आतंकवाद नेटवर्क को उजागर करने वाले ठोस प्रमाण प्रस्तुत करेगी। इसमें विशेष रूप से TRF के 22 अप्रैल के पहलगाम हमले में संलिप्तता को उजागर किया जाएगा। TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी दो बार ली थी, लेकिन बाद में इसे खारिज कर दिया। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने TRF का नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान में शामिल होने से रोकने के लिए चीन का समर्थन लिया।
UNSC 1267 समिति और TRF का इतिहास
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति का गठन 1999 में किया गया था, जिसका उद्देश्य ISIS, अल-कायदा और उनसे संबंधित समूहों से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाना है। भारत ने पहले भी TRF को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए समिति में प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, लेकिन पाकिस्तान और चीन के विरोध के कारण ये प्रयास विफल रहे। भारत का कहना है कि TRF लश्कर-ए-तैयबा का एक छायादार संगठन है, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त है।
पाकिस्तान का रुख और भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान, जो UNSC का अस्थायी सदस्य है, ने TRF को सुरक्षा परिषद के बयान में शामिल करने का विरोध किया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान का यह रुख आतंकवाद के प्रति उसकी नीतियों को उजागर करता है। भारत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं, जिनमें ‘ऑपरेशन सिंडूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले शामिल हैं। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है और वाघा-अटारी सीमा को बंद कर दिया है।
TRF का गठन और गतिविधियां
TRF का गठन 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हुआ था। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के पूर्व आतंकवादियों से बना है। TRF ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमले शामिल हैं। भारत ने जनवरी 2023 में TRF को आतंकवादी संगठन घोषित किया था और इसके नेता शेख सज्जाद गुल को भी आतंकवादी घोषित किया गया था।


