काठमांडू : नेपाल की राजधानी काठमांडू में आईपीएल (IPL) मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी कराने के आरोप में पुलिस ने 11 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान 200 करोड़ रुपये की सट्टेबाजी का खुलासा हुआ है। केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो (CIB) के प्रवक्ता एसपी सुधीर राज शाही ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
काठमांडू में छापेमारी के दौरान हुई गिरफ्तारी
सीआईबी ने बताया कि बुधवार रात को आईपीएल की लाइव सट्टेबाजी की सूचना मिली थी, जिसके बाद काठमांडू के बूढ़ानीलकंठ इलाके में एक किराए के मकान में छापेमारी की गई। इस छापेमारी में 11 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 28 साल के बीच है और सभी राजस्थान राज्य के रहने वाले हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों में सन्नी मीणा (24), मोहित वर्मा (25), पीयूष भारद्वाज (26), हरकेश दादिया (25), निशांत भारद्वाज (22), आकाश वर्मा (23), अंकित कुमार सैनी (19), संजू शुक्ला (23), राम सिंह जाट (28), लोकेश कुमार (19), और विकास कुमार (19) शामिल हैं।
सट्टेबाजी के उपकरण और ऐप्स का खुलासा
सीआईबी ने इस ऑपरेशन के दौरान कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। इनमें 34 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 4 रजिस्टर, 14 चेकबुक (भारत के विभिन्न बैंकों से), 27 एटीएम कार्ड, और 40 भारतीय सिम कार्ड शामिल हैं। सीआईबी के मुताबिक, सट्टेबाजी के लिए वाट्सऐप, फेसबुक मैसेंजर, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम चैट, वी-चैट और सिग्नल जैसे ऐप्स का इस्तेमाल किया जा रहा था।
मास्टरमाइंड किसी अन्य देश में
सीआईबी के प्रवक्ता ने बताया कि इस सट्टेबाजी रैकेट का मास्टरमाइंड नेपाल और भारत के बाहर किसी तीसरे देश में बैठ कर इन भारतीयों को निर्देशित करता था। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में से किसी की भी उस शख्स से मुलाकात नहीं हुई है और न ही कोई उसे पहचानता है।

