Jamshedpur : मानगो में अर्जुन अपार्टमेंट में खुले ब्लिंकिट स्टोर के खिलाफ अपार्टमेंट के निवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। अपार्टमेंट वालों का कहना है कि यह रिहायशी अपार्टमेंट है। जब से यहां ब्लिंकिट स्टोर खुला है, लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। इस मामले में अपार्टमेंट के निवासियों ने मानगो नगर निगम के नगर आयुक्त के अलावा एसडीओ से भी मामले की शिकायत की है।
अपार्टमेंट के लोगों का कहना है कि ब्लिंकिट स्टोर वालों ने सड़क से स्टोर तक एक ऊंचा रैंप बना दिया है। इससे फ्लैट वासियों को आवागमन में दिक्कत होती है। यही नहीं मोहल्ले में आने वाले भी अक्सर इस रैंप की वजह से दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। आरोप है कि अपार्टमेंट के रैंप पर अक्सर ब्लिंकिट स्टोर में काम करने वाले युवक तेजी से गाड़ी चढ़ाते हैं। इससे एक्सीडेंट होने खतरा रहता है। यही नहीं, अपार्टमेंट के आसपास भी यह लोग काफी तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि ब्लिंकिट के लिए डिलीवरी करने वाले युवक सुबह 6:00 से रात 10:30 बजे तक अपार्टमेंट की पार्किंग में जमा रहते हैं और शोरगुल करते रहते हैं।
युवाओं पर अश्लील बातें करने का भी है आरोप
अश्लील बातें करने का भी आरोप है। लोगों का आरोप है कि यह लोग अश्लील वीडियो भी देखते हैं। इससे वहां की महिलाएं और बच्चे-बच्चियां काफी परेशानी महसूस करती हैं। आरोप है कि ब्लिंकिट स्टोर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते अपार्टमेंट की पार्किंग में ही यह लोग गाड़ी खड़ी करते हैं और अक्सर यह युवक अक्सर गाड़ियों की सीट पर सो जाते हैं। इससे भी, इलाके के लोगों को दिक्कत हो रही है। लोगों का आरोप है कि यह रिहायशी मोहल्ला होने की वजह से यहां व्यवसायिक गाड़ियों के आने-जाने से दुर्घटना की संभावना है।
स्टोर में आने वाले बड़े वाहनों से भी हो रही दिक्कत
ब्लिंकिट स्टोर में सामान लेकर बड़ी-बड़ी गाड़ियां दिन भर आती रहती हैं। ब्लिंकिट स्टोर का अपना कोई बाथरुम नहीं होने से युवक अपार्टमेंट के आम बाथरूम का इस्तेमाल करते हैं और उसे गंदा कर देते हैं। जब ब्लिंकिट स्टोर वालों से इसको साफ करने के लिए कहा जाता है तो वह झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। इलाके के अपार्टमेंट के लोगों कहना है कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत ब्लिंकिट स्टोर के लोगों और बिल्डर से की तो दोनों ने फ्लैट वासियों से झगड़ा किया और कहा कि वह लोग अगर यहां नहीं रहना चाहते तो छोड़कर कहीं और चले जाएं। लोगों ने एसडीओ और मानगो नगर निगम के उपनगर आयुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर समस्या को हल करने की मांग की है।

