
जामताड़ा : जामताड़ा में पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग ने अधिकारियों के स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। जिले में कुल 16 पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण और नव पदस्थापन किया गया है। इनमें 9 अधिकारियों को अलग-अलग थानों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि साइबर अपराध से निपटने के लिए 7 अधिकारियों को साइबर अपराध थाना भेजा गया है। विभाग के इस फैसले का उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली को बेहतर करने के साथ साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच को गति देना है।
साइबर अपराध थाना को मिले 7 नए अधिकारी
जामताड़ा में साइबर अपराध से जुड़े मामलों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए साइबर अपराध थाना में अधिकारियों की संख्या बढ़ाई गई है। यहां 6 पुलिस अवर निरीक्षकों के साथ 1 पुलिस निरीक्षक की पदस्थापना की गई है। आदेश के मुताबिक पुलिस केंद्र से पुलिस निरीक्षक सुशील टुडू को साइबर अपराध थाना भेजा गया है। इसके अलावा अमित कुमार, कृष्णा कुमार, पुष्पेश्वर दास, गुलशन कुमार सिंह, अनिल अभिषेक और विकास कुमार तिवारी को भी साइबर अपराध थाना में नई जिम्मेदारी दी गई है।
इन अधिकारियों के आने से साइबर अपराध और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से जुड़े मामलों की जांच को गति मिलने की उम्मीद है। लंबित मामलों के अनुसंधान के साथ नए मामलों की निगरानी में भी पुलिस को अतिरिक्त बल मिलेगा।
अलग-अलग थानों में भी बदले गए अधिकारी
स्थानांतरण आदेश के तहत पुलिस अवर निरीक्षक जाहिद अंसारी को पुलिस केंद्र से जामताड़ा थाना भेजा गया है। अमृत कुमार राम को साइबर अपराध थाना से नारायणपुर थाना और वैभव सिंह को साइबर अपराध थाना से करमाटांड़ थाना भेजा गया है। प्रकाश सेठ को साइबर अपराध थाना से मिहिजाम थाना की जिम्मेदारी दी गई है। चंदन कुमार तिवारी को फतेहपुर थाना में पदस्थापित किया गया है।
इसके अलावा सहायक अवर निरीक्षक सुखनाथ भगत को मिहिजाम थाना, सिद्धो सोरेन को महिला थाना जामताड़ा, मुन्ना कुमार सिंह को नारायणपुर थाना और छोटेलाल कुमार को मिहिजाम थाना में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साइबर अपराध पर जांच को मिलेगी मजबूती
जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध से जुड़े मामलों के कारण पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण जिला रहा है। ऐसे में साइबर अपराध थाना में अधिकारियों की संख्या बढ़ाने का फैसला जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। 7 नए अधिकारियों की तैनाती से साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों की जांच, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान और लंबित मामलों की समीक्षा में तेजी आने की संभावना है। साथ ही अलग-अलग मामलों की निगरानी के लिए पुलिस के पास अतिरिक्त मानवबल उपलब्ध होगा।
सभी अधिकारियों को तत्काल योगदान का निर्देश
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी स्थानांतरित और नव पदस्थापित अधिकारियों को अपने नए पदस्थापन स्थल पर तत्काल योगदान देने का निर्देश दिया गया है। नई जगह योगदान देने के बाद अधिकारियों को इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी संबंधित कार्यालय में जमा करनी होगी।

