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Jharkhand Government: बजट की 80% राशि ही खर्च कर सकी सरकार; 29 हजार करोड़ सरेंडर

by Kanchan Kumar
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रांची । झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने कुल बजट का केवल 80 प्रतिशत ही खर्च कर पाई। इसके चलते करीब 29 हजार करोड़ रुपये की राशि सरेंडर करनी पड़ी। वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने मार्च में सरकार ने खर्च बढ़ाया।

आखिरी दिन करीब 3,616 करोड़ रुपये निकाले गए, जबकि पूरे महीने में लगभग 19 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद पूरे साल का लक्ष्य हासिल नहीं हो सका। विभागवार खर्च और राजस्व संग्रह का विस्तृत आकलन अभी किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट जल्द वित्त विभाग द्वारा जारी की जाएगी।

योजना मद में 80 प्रतिशत हुई खर्च

राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि योजना मद में लगभग 80 प्रतिशत राशि खर्च की गई। उन्होंने केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने को इसका एक बड़ा कारण बताया। उनके अनुसार, राज्य को करीब 13 हजार करोड़ रुपये की राशि केंद्र से अनुदान और टैक्स शेयर के रूप में नहीं मिल पाई, जिससे बजट संतुलन प्रभावित हुआ।

विपक्ष ने उठाए सवाल

सरकार के इस प्रदर्शन पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बड़े बजट बनाकर जनता को भ्रमित करती है, लेकिन उसे सही तरीके से लागू नहीं कर पाती।

पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को बजट बनाने से पहले राजस्व के स्रोत और खर्च की वास्तविक क्षमता का आकलन करना चाहिए। उनका दावा है कि केंद्र से मिली राशि का भी पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

खान विभाग ने बनाया रिकॉर्ड

हालांकि कुछ विभागों ने राजस्व वसूली में बेहतर प्रदर्शन किया है। खासकर खान विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड 18,508 करोड़ रुपये की वसूली की। इसमें से 7,454.30 करोड़ रुपये सेस से और 11,054.27 करोड़ रुपये खनिजों पर रॉयल्टी से प्राप्त हुए। यह झारखंड गठन के बाद अब तक का सबसे अधिक राजस्व है।

उत्पाद और परिवहन विभाग का प्रदर्शन बेहतर

उत्पाद विभाग ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 4,020 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो लक्ष्य से अधिक है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 1,310 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं परिवहन विभाग ने 2,196.66 करोड़ रुपये की वसूली की, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 282 करोड़ रुपये अधिक है।

बड़े बजट के बावजूद चुनौती बरकरार

राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसमें महिला एवं बाल विकास क्षेत्र के लिए सबसे अधिक 22,023 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

इसके अलावा ‘मईयां सम्मान योजना’ के लिए 13,363 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। बावजूद इसके बजट का पूरा उपयोग न हो पाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है।

कुल मिलाकर, जहां कुछ विभागों ने बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं समग्र रूप से बजट खर्च और राजस्व संग्रह के बीच संतुलन कायम करना सरकार के लिए अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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