RANCHI: झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सदर अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कैंसर जांच के साथ उपचार से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करने का निर्देश जारी किया है। इस पहल के तहत रेडिएशन सेंटर, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समुचित स्थान सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के निर्देश पर संयुक्त सचिव ने झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड को पत्र भेजकर अस्पतालों के निर्माण और उन्नयन से संबंधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन में रेडिएशन सेंटर के लिए स्थान का प्रावधान अनिवार्य रूप से शामिल करने को कहा है। निर्देश में कहा गया है कि लीनियर एक्सीलेरेटर जैसे अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना के लिए तकनीकी मानकों के अनुरूप विशेष रेडिएशन बंकर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा एमआरआई और सीटी स्कैन इकाइयों के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाएगा ताकि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
विभाग ने जेएसबीसीसीएल को अपने सभी परामर्शदाताओं को मौजूदा और प्रस्तावित डीपीआर में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश देने को भी कहा है। सरकार का उद्देश्य है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज की सुविधा जिला स्तर तक उपलब्ध हो, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख न करना पड़े। इस संबंध में आदेश की प्रति सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, अस्पताल अधीक्षकों और जिलों के सिविल सर्जनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।

