Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार ने चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीसी मनीष कुमार ने अनुमंडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। यहां भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मिलने वाली सुविधा के बारे में पूछताछ की। इमरजेंसी वार्ड एवं अन्य वार्ड में लगे पर्दा, बेड शीट आदि की साफ सफाई पर ध्यान देने को कहा गया। इसी कड़ी में डीसी मनीष कुमार ने अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अंशुमन शर्मा से इमरजेंसी सुविधा, चिकित्सकों की संख्या, साफ सफाई के बारे में जानकारी ली।

अस्पताल में सात डॉक्टरों की है कमी
इस दौरान डॉक्टर अंशुमन शर्मा ने कहा अस्पताल में चार डॉक्टर कार्यरत हैं। इसमें एक विशेषज्ञ डॉक्टर है। मरीज की संख्या के अनुसार 11 चिकित्सकों की आवश्यकता है। जानकारी हासिल करने के बाद डीसी मनीष कुमार ने कहा कि जिला में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य संबंधी चर्चा की जाएगी। जो भी खामियां हैं उसे दूर करने का कोशिश होगी। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि इमरजेंसी सुविधा बेहतर की जाए। इमरजेंसी वार्ड एवं अन्य वार्डों में लगे बेडशीट व गेट और खिड़की में लगे पर्दों की सफाई नियमित की जाए। जगह-जगह डस्टबिन लगाई जाए और उसकी सफाई भी समय पर की जाए। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाए।
इस मौके पर एसपी अमित रेनू, एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अंशुमन शर्मा, थाना प्रभारी अवधेश कुमार समेत अस्पताल के अन्य चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य मौजूद थे।
JPSC प्रारंभिक परीक्षा को लेकर DC-SP ने किया केंद्रों का निरीक्षण
जिले में झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के सफल एवं कदाचार मुक्त संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। प्रथम पाली में आयोजित परीक्षा के दौरान जिला उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने टाटा कॉलेज तथा सेंट जेवियर इंग्लिश स्कूल एंड जूनियर कॉलेज का दौरा कर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की उपस्थिति, सीसीटीवी और जैमर की व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपस्थिति आदि को देखा गया।
अधिकारियों को दिए निर्देश
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद स्टेटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं केंद्र अधीक्षक को अपने-अपने कर्तव्यों के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर विधि-व्यवस्था बनाए रखना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी झारखंड लोक सेवा आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न हो सके।

