Dhanbad : आर्थिक रूप से कमजोर और पढ़ाई में अव्वल मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की राह अब आसान होने जा रही है। प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी संगठन सरोजिनी दामोदरन फाउंडेशन (एसडीएफ) की ओर से संचालित विद्याधन छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य तंगहाली के कारण मेधावी बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने धनबाद समेत राज्य के सभी डीईओ को पत्र जारी कर इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है। इसके अलोक में डीईओ ने अपने मातहत पदाधिकारियों को इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
चयनित होने पर स्नातक स्तर तक मिलेगी वित्तीय मदद
यह छात्रवृत्ति योजना इंटरमीडिएट तक ही सीमित नहीं है, बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को आगे कालेज की पढ़ाई के लिए भी सहायता मिलेगी। इंटरमीडिएट स्तर की चयन प्रक्रिया के माध्यम से 10वीं कक्षा पास करने वाले मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा। चुने गए छात्रों को अगले दो वर्षों तक प्रति वर्ष दस हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। स्नातक स्तर के ऐसे छात्र जो 12वीं की पढ़ाई के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेंगे, उन्हें आगे स्नातक और उच्च व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए प्रतिवर्ष 20 हजार से 75 हजार तक की वित्तीय सहायता देने का प्राविधान है। आवेदन के लिए 10वीं की परीक्षा में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। दिव्यांगजन के लिए न्यूनतम अंकों की यह सीमा 60 प्रतिशत तय की गई है। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। पांच जुलाई तक छात्र योजना की आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट विद्याधन डाट ओआरजी पर लागइन कर निश्शुल्क आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई से जोड़े रखने की अनूठी पहल, प्रति स्कूल 500 रुपये का बजट स्वीकृत
धनबाद : सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों में धूम मचेगी। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई से जोड़े रखने की अनूठी पहल शुरू की है। इसके लिए प्रति स्कूल 500 रुपये का बजट स्वीकृत किया। जिले के 1585 प्राथमिक स्कूलों के लिए 7.93 लाख और 126 मध्य विद्यालयों के लिए 63 हजार रुपये यानी 1711 विद्यालयों के लिए 8.56 लाख रुपये का आवंटन हुआ है। विभागीय पत्र के आलोक में डीईओ अभिषेक झा ने क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, सभी बीईईओ, बीआरपी-सीआरपी को पत्र जारी कर कार्यक्रम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसमें कहा है कि सभी सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ग्राम शिक्षा संगम का भव्य आयोजन किया जाए।
छुट्टियों के दिनों में बच्चों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया से जोड़े रखना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। इसी समस्या के समाधान और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में एक ऐसा जीवंत और शिक्षाप्रद माहौल तैयार करना है, जिससे स्कूल बंद रहने की अवधि में भी बच्चे अध्ययन में पूरी तरह सक्रिय और उत्साहित बने रहें। ग्रामीण इलाकों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल तैयार करना, गर्मी लंबी छुट्टियों के दौरान बच्चों के समय का सदुपयोग करते हुए रचनात्मक व मनोरंजक शैक्षिक गतिविधियों से जोड़े रखना, गांवों के बच्चों और परिवारों में नियमित पुस्तकें व ज्ञानवर्धक सामग्री पढ़ने की एक स्वस्थ संस्कृति को बढ़ावा देना है। कम से कम पांच दिनों का आयोजन होगा। विद्यालय प्रबंधन समिति सुविधानुसार इस संगम की अवधि अधिक दिनों तक के लिए बढ़ा भी सकते हैं।
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