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Draft Voter List 2026 : SIR के बाद प्रारूप मतदाता सूची जारी, 43.61 लाख नाम बाहर; 4 सितंबर तक दावा-आपत्ति का अवसर

by Nikhil Kumar
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रांची: झारखंड में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद बुधवार को मतदाता प्रारूप सूची जारी कर दिया गया।झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के गणना चरण के बाद राज्य के 2,64,63,236 मतदाताओं में से 2,21,01,249 (83.51%) मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा किए हैं। वहीं 43,61,987 मतदाताओं के फॉर्म विभिन्न कारणों से एकत्र नहीं हो सके, इसलिए उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया है।
इन 43.61 लाख मतदाताओं में 4,38,596 डुप्लीकेट या दोहरी प्रविष्टि वाले, 7,63,903 मृत, 15,92,194 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 14,50,810 अनुपस्थित अथवा पता नहीं चलने वाले तथा 1,16,484 ऐसे मतदाता शामिल हैं जिन्होंने गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया। ऐसे में इतने मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट गए हैं।

हालांकि निर्वाचन आयोग ने संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया है कि इन सभी मतदाताओं का नाम अंतिम रूप से नहीं काटा गया है। यदि इनमें कोई पात्र मतदाता है, तो वह 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति अवधि में घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 जमा कर अपना नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल करा सकता है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि एसआईआर अभियान में 24 जिलों के चुनाव पदाधिकारियों, 29,571 बीएलओ, स्वयंसेवकों तथा सभी 9 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 77,430 बूथ लेवल एजेंटों ने भाग लिया। अभियान के दौरान मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी किया गया, जिसके तहत 2,389 नए मतदान केंद्र बनाए गए। इसके बाद राज्य में कुल मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 31,892 हो गई।

कितने मतदाता बाहर हो सकते हैं

निर्वाचन आयोग ने अभी यह नहीं कहा है कि 43.61 लाख मतदाताओं के नाम अंतिम रूप से हटा दिए जाएंगे। यह केवल प्रारूप सूची की स्थिति है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच के आधार पर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसलिए अभी यह अनुमान लगाना संभव नहीं है कि अंततः कितने मतदाताओं के नाम सूची से बाहर रहेंगे।

845 बैठकों से प्रक्रिया में बढ़ी पारदर्शिता, केवल 5.3% मतदाता अनमैप
रांची। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ राज्यभर में 845 से अधिक बैठकें आयोजित कर प्रक्रिया को पारदर्शी और सहभागी बनाया। सीईओ स्तर पर 5, डीईओ स्तर पर 75+, ईआरओ स्तर पर 165+ तथा एईआरओ स्तर पर 600+ बैठकें हुईं। व्यापक अभियान, बीएलओ के घर-घर सत्यापन और बीएलए-2 के सहयोग से अनमैप मतदाताओं की संख्या 70.62 लाख से घटकर 14.02 लाख (5.3%) रह गई। शेष मामलों का सत्यापन नोटिस अवधि में ईआरओ स्तर पर किया जाएगा।

शिकायतों के त्वरित निस्तारण का दावा, 99% से अधिक मामलों का समाधान
रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान झारखंड में मतदाताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण का दावा किया गया है। एनजीएसपी पर मिली 4,558 शिकायतों में 4,516 का समाधान किया गया। वहीं इसीआई नेट की बुक ए कॉल सुविधा पर 25,409 अनुरोध प्राप्त हुए, जिनमें 21,108 का जवाब दिया गया। शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है।

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