
नई दिल्ली में आयोजित वित्त प्रबंधन सम्मेलन
केंद्र सरकार को दलीय भावना से ऊपर उठकर देनी होगी पर्याप्त वित्तीय मदद
राज्यों के मजबूत हुए बिना विकसित भारत का पूरा नहीं हो सकता लक्ष्य
सामाजिक विकास को भी विकसित भारत के लक्ष्य का बनाना होगा प्रमुख आधार
गरीबी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आय के वितरण की वास्तविक स्थिति का भी आकलन जरूरी
रांची : शनिवार को झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नई दिल्ली में आयोजित वित्त प्रबंधन सम्मेलन के समापन अवसर पर कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लिए केंद्र सरकार को दलीय भावना से ऊपर उठकर आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों को पर्याप्त वित्तीय सहयोग देना होगा। राज्यों के मजबूत हुए बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल मजबूत अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सामाजिक विकास को भी इसका प्रमुख आधार बनाना होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय, सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण, वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय स्थिति के आंकड़ों के साथ गरीबी, स्वास्थ्य, शिक्षा और आय के वितरण की वास्तविक स्थिति का भी आकलन जरूरी है। भारत की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और कृषि पर निर्भर है। देश की करीब आधी खेती वर्षा आधारित है। इसलिए सिंचाई विस्तार के साथ दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन और हॉर्टिकल्चर को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय सहायता जरूरी है।
केंद्र की नीतियों से झारखंड को 22 हजार करोड़ का नुकसान
किशोर ने कहा कि केंद्र की नीतियों से झारखंड को करीब 22 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। इसमें जीएसटी के कर युक्तिकरण से करीब चार हजार करोड़ रुपये और विकसित भारत जी राम जी (वीबी-जी राम जी) व्यवस्था से करीब चार हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय बोझ का दावा किया गया है। अगस्त में उन्होंने एमएमडीआर कानून में संशोधन के कारण करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात भी कही थी। वीबी-जी राम जी अधिनियम एक जुलाई 2026 से लागू हुआ है। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है।
राजकोषीय प्रबंधन में प्रदेश का बेहतर प्रदर्शन
किशोर ने कहा कि पिछड़े राज्यों के लिए वीसी जी राम जी योजना में केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय हिस्सेदारी पहले की तरह 90 :10 की जानी चाहिए। उन्होंने जीएसटी के कर युक्तिकरण से झारखंड को होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र से करने की भी मांग की। राधाकृष्ण किशोर के अनुसार, झारखंड ने राजस्व जुटाने और राजकोषीय प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य के विकास के लिए केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय सहयोग की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।

