Ranchi: झारखंड में गर्मी के बढ़ते असर के बीच पेयजल संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के बंद या खराब पड़े हैंडपंप (चापानल) की मरम्मत अब 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित की जाएगी। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर पर मिलने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
दरअसल, विभाग ने पहले ही शिकायत मिलने के एक सप्ताह के भीतर हैंडपंप मरम्मत का प्रावधान तय किया था, लेकिन लगातार मिल रही देरी की शिकायतों को देखते हुए अब पूरी प्रक्रिया की निगरानी और सख्त कर दी गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मरम्मत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग के पास फिलहाल करीब 18 हजार खराब हैंडपंपों की जानकारी है। इनकी मरम्मत में तेजी लाने के लिए सभी पेयजल स्वच्छता प्रमंडलों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इससे पहले विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने भी अधिकारियों और अभियंताओं को गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने के लिए तकनीकी स्तर पर मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा था।
जल सहिया निभाएंगी अहम भूमिका
राज्य में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित जल सहिया को तैनात किया गया है। इन्हें निर्देश दिया गया है कि वे हर दिन हैंडपंप मरम्मत की स्थिति की रिपोर्ट दें। इन रिपोर्टों की निगरानी जिला और राज्य स्तर पर की जाएगी, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।
टैंकर से भी पहुंचाई जा रही राहत
गर्मी बढ़ने के साथ कई इलाकों में जल संकट की स्थिति बनने लगी है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय निकायों और विभाग की ओर से करीब 1400 टैंकरों के जरिए लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा है, ताकि किसी को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।

