
रांची : डोरंडा थाना क्षेत्र में स्थित डिबडीह ओवरब्रिज पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां तेज गति से दौड़ रही एक कार अचानक बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक उस पर से अपना संतुलन पूरी तरह खो बैठा। इसके बाद कार सबसे पहले डिवाइडर से जा टकराई और फिर सीधे बिजली के खंभे से भिड़ गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्ट्रीट लाइट का पोल उखड़ गया और कार सड़क के बीचों-बीच जाकर पलट गई। इस टक्कर में वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के तुरंत बाद ओवरब्रिज पर अफरा-तफरी मच गई और गाड़ियों का आवागमन ठप हो गया।
कार के पलटने से उसमें सवार दो युवक अंदर ही फंस गए थे। राहगीरों ने बिना देर किए मुस्तैदी दिखाई और एकजुट होकर कार को सीधा किया। इसके बाद अंदर फंसे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि इस भयानक दुर्घटना के बावजूद दोनों युवकों को कोई गंभीर चोट नहीं आई, उन्हें केवल मामूली खरोंचें लगीं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू कराया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी।
बोकारो में नहर में जा गिरी फॉर्च्यूनर, सवारों ने कूदकर बचाई जान

दूसरा हादसा बोकारो के तेनुघाट-बोकारो नहर मार्ग पर चांपी गांव के पास हुआ। लगातार हो रही बारिश और सड़क पर जमा कीचड़ के कारण एक फॉर्च्यूनर कार फिसलकर सीधे नहर के पानी में जा समाई।
जैनामोड़ के मोहनपुर निवासी रोहित कुमार और बबलू कुमार अपने मामा अजय महतो के घर चांपी आए हुए थे। गुरुवार देर रात जब वे वापस लौट रहे थे, तभी तुपकाडीह-तेनुघाट मार्ग पर अत्यधिक कीचड़ होने के कारण उनकी तेज रफ्तार गाड़ी अनियंत्रित हो गई। गाड़ी जैसे ही सड़क छोड़कर नहर की तरफ बढ़ी, दोनों युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कार से छलांग लगा दी।
कार पानी में गिर गई, लेकिन समय पर कूदने के कारण दोनों की जान बच गई। हादसे में दोनों मामूली रूप से घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही तेनुघाट ओपी प्रभारी भजनलाल महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि दोनों युवक पूरी तरह खतरे से बाहर हैं।
शुक्रवार सुबह नहर में डूबी फॉर्च्यूनर को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह नहर मार्ग काफी समय से जर्जर स्थिति में है और बारिश के दिनों में यहां कीचड़ के कारण गाड़ियां अक्सर फिसलती रहती हैं, जिससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है।

