
रांचीः झारखंड में 6 से 12 अगस्त तक चलने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार को स्पीकर रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सत्र को सुचारू रूप से चलाने पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सदन से लेकर सड़क तक छाने को तैयार है।
सदन की रणनीति और छात्र मुद्दा
सर्वदलीय बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आंदोलित छात्रों की मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि मुख्यमंत्री या किसी सरकारी प्रतिनिधिमंडल को तुरंत छात्रों से मिलकर वार्ता करनी चाहिए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि विषय को कार्य मंत्रणा समिति में रखा जाएगा।
जयराम महतो ने लगाया टालमटोल का आरोप
बैठक के बाद जेकेएलएम विधायक जयराम महतो ने सरकार पर टालमटोल का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि संसदीय कार्य मंत्री की अगुवाई में डेलिगेशन छात्रों से बात नहीं करता, तो वह खुद अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई प्रमुख दलों के नेता मौजूद थे।
AISA की नेहा बोरा आएंगी रांची
इधर परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने 7 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। संगठन के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ के अनुसार, सुबह 11 बजे बिरसा चौक से यह मार्च शुरू होगा।
इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जेएनयू रिसर्च स्कॉलर नेहा बोरा भी रांची पहुंच रही हैं। मार्च से पहले प्रतिनिधिमंडल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेगा।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा
संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनका इरादा पुलिस से टकराने का नहीं, बल्कि अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का है। हालांकि, यदि बेवजह रोक-टोक की गई तो छात्र पीछे नहीं हटेंगे। आईसा ने 10 अगस्त को होने वाले बड़े विधानसभा घेराव में भी शामिल रहने का ऐलान किया है।
Read Also:Jharkhand Assembly : मानसून सत्र की तैयारियों पर सर्वदलीय बैठक, सदन के सुचारू संचालन पर बनी सहमति

