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JPSC परीक्षा में गड़बड़ी की जांच पर सियासी घमासान तेज

by Kanchan Kumar
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रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की कॉपी राज्यपाल कार्यालय पहुंच चुका है। जल्द इस पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। इस्तीफे एवं सीआईडी कार्रवाई के बीच राज्य की राजनीति को गर्मा गई है। हालांकि, उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सीआईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई और आयोग से जुड़े अधिकारियों की हिरासत के बीच इस घटनाक्रम ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सीआईडी और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL के कार्यालय समेत आठ स्थानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान एजेंसी के कार्यालय को सील कर दिया गया और कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव तथा अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।

जांच एजेंसियों ने जेपीएससी की पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, डेटा एंट्री और मेरिट सूची में किसी तरह की हेराफेरी की आशंका की जांच कर रही है।

भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा

इस घटनाक्रम के बीच भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश भाजपा के महामंत्री अमर बाउरी ने कहा कि सरकार की कार्रवाई भाजपा युवा मोर्चा के जन दबाव का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा का परिणाम आधी रात में जारी किया गया, कटऑफ सार्वजनिक नहीं किया गया और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही।

इधर, भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आज 22 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने रांची में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

झामुमो ने कहा – जीरो टॉलरेंस नीति का असर

उधर, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि यह सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो रही है। पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता धीरज दुबे ने कहा कि सिर्फ इस्तीफे से बात खत्म नहीं होगी, बल्कि पूरे मामले की गहराई से जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

जेपीएससी विवाद अब केवल जांच एजेंसियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह झारखंड की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक ओर सरकार इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई बता रही है, वहीं विपक्ष इसे अपनी जनआंदोलन की जीत करार दे रहा है। आने वाले दिनों में सीआईडी की जांच और राजनीतिक बयानबाजी दोनों पर नजर रहेगी।

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