
रामगढ़ : जेपीएससी-जेएसएससी में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती की मांग को लेकर शुरू किए गए अभियान के दूसरे चरण के तहत सोमवार को रामगढ़ जिले के लुकैयाटांड़ से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा की शुरुआत की गई। जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से निकाली गई यह यात्रा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा भी जानी थी। यात्रा का नेतृत्व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने किया।
झारखंड के 24 जिलों तक पहुंचेगी यह यात्रा
भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और युवाओं के शामिल होने की बात कही गई है। यात्रा लुकैयाटांड़ से शुरू होकर झारखंड के 24 जिलों तक पहुंचेगी। इस दौरान विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में पहुंचकर भर्ती व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर लोगों को जागरूक करने की योजना है।
ग्रामीणों की गतिविधियों पर रही नजर
हालांकि, यात्रा शुरू होने के साथ नेमरा में ग्रामीणों की ओर से मोर्चाबंदी की गई थी। वे इसका विरोध कर रहे थे।
ग्रामीणों ने गांव में किसी भी तरह की अराजकता या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी दी थी। इसे देखते हुए क्षेत्र में यात्रा और ग्रामीणों की गतिविधियों पर लोगों की नजर बनी रही।
युवाओं को जागरूक करना भर्ती सुधार यात्रा का उद्देश्य
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले निकाली गई भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग को राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना बताया गया है। मंच से जुड़े अभ्यर्थियों का कहना है कि यात्रा के माध्यम से युवाओं को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और उनकी मांगों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अभ्यर्थियों को गुमराह कर रही सरकार : देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्र नाथ महतो ने पहले भी भर्ती से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया था। उच्च न्यायालय से रोक आदेश मिलने के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा था कि सरकार अभ्यर्थियों को गुमराह कर रही है और आंदोलन समाप्त कराने के लिए राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अभ्यर्थियों की मांगों को पूरा किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से दूसरे चरण में राज्यव्यापी सुधार यात्रा शुरू की गई है।
झारखंड के 24 जिलों तक पहुंचेगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
यात्रा झारखंड के 24 जिलों तक जाएगी। अभियान से जुड़े अभ्यर्थी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया में सुधार और झारखंड की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर लोगों के बीच अपनी बात रखेंगे।
गांवों, प्रखंडों, पंचायतों, विद्यालयों तक पहुंचने की योजना
यात्रा के दौरान गांवों, प्रखंडों, पंचायतों, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य के युवाओं को भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। यात्रा के माध्यम से अभ्यर्थियों की समस्याओं को संगठित तरीके से उठाने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों की मांग को जनसमर्थन देने का प्रयास किया जाएगा।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार को पहले ही चेतावनी दी थी कि अभ्यर्थियों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि राज्य के 24 जिलों के अभ्यर्थी एकजुट होकर आगे बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के घेराव की भी चेतावनी दी थी। हालांकि, उन्होंने अभ्यर्थियों की मांगों को संगठित और लोकतांत्रिक तरीके से उठाने पर जोर दिया।
देवेन्द्र नाथ महतो की भर्ती सुधार यात्रा का नेमरा के मांझी हडाम एवं अन्य ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीण हरवे हथियार से लैस होकर डटे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना हे कि देवेंद्र महतो को नेमरा में घुसने नहीं देंगे।

गोला प्रखंड का नेमरा गांव दिशोम गुरु शिबू सोरेन एवं वर्तमान मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन का पैतृक गांव है। यात्रा गुरुजी के गांव से ही शुरू करनी है। गांव वाले इसे हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ साजिश मान रहे हैं । इसलिए वे हरवे हथियार के साथ जुटे हैं।
1.30 बजे तक देवेंद्र महतो यहां नहीं पहुंचे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं।
जेपीएससी-जेएसएससी में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती की मांग को लेकर दूसरे चरण की यात्रा आज से

देवेंद्र नाथ महतो
- पारंपरिक रीति-रिवाज, राष्ट्रगान, मांदर की थाप और सखुआ पौधे के रोपण के साथ होगा शुभारंभ : देवेंद्र नाथ महतो
रांची : झारखंड छात्र आंदोलन के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग को लेकर चल रहे अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 24 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित लुकैया टांड़ से होगी। यह वही गांव है, जिसे दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव के रूप में जाना जाता है।
देवेंद्र नाथ महतो ने प्रेसवार्ता में बताया कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का शुभारंभ झारखंड की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और रीति-रिवाजों के अनुरूप किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पाहन की मौजूदगी में पारंपरिक विधि-विधान संपन्न होंगे। इसके बाद मांदर की थाप के बीच राष्ट्रगान, महापुरुषों को नमन और सखुआ (साल) के पौधे का रोपण कर यात्रा को रवाना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम झारखंड की धरती, संस्कृति, प्रकृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा।
24 जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा
नेमरा से शुरू होने वाली यात्रा झारखंड के विभिन्न जिलों में पहुंचेगी। रामगढ़ के बाद हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पलामू और गढ़वा होते हुए यात्रा रांची पहुंचेगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों और युवाओं के बीच भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को लेकर जागरूकता बढ़ाना तथा व्यापक जनसमर्थन जुटाना है।
न्यायिक मामलों में मदद के लिए लीगल टीम भी साथ
यात्रा के दौरान अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े न्यायिक मामलों में आवश्यक सहयोग देने के लिए अधिवक्ताओं की टीम भी मौजूद रहेगी। जो अभ्यर्थी संबंधित मामलों में इंटरवेनर के तौर पर न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें वकालतनामा समेत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया में सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि इसका उद्देश्य ऐसे अभ्यर्थियों को कानूनी मंच उपलब्ध कराना है, जिनके हित भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं और जो कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना चाहते हैं।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलेगा अभियान
उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पूरी तरह संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित होगी। अभियान में किसी भी तरह की हिंसा, उपद्रव अथवा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधि को स्थान नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं के समक्ष अभ्यर्थियों की समस्याओं, मांगों तथा भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों को लोकतांत्रिक माध्यम से मजबूती से रखना ही अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
युवाओं में दिख रहा उत्साह
यात्रा को लेकर राज्यभर के अभ्यर्थियों और युवाओं में उत्साह है। विभिन्न जिलों से लोगों के समर्थन और सहभागिता की बात सामने आ रही है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इस यात्रा को महत्वपूर्ण जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी है।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अभियान का लक्ष्य ऐसी भर्ती व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता की कोई गुंजाइश न हो। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य, अधिकार और सम्मान की लोकतांत्रिक आवाज को 24 जिलों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अभियान छात्र-युवा आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण जनअभियान के रूप में दर्ज होगा।


