
रामगढ़ : देवेन्द्र नाथ महतो की भर्ती सुधार यात्रा का नेमरा के मांझी हडाम एवं अन्य ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीण हरवे हथियार से लैस होकर डटे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना हे कि देवेंद्र महतो को नेमरा में घुसने नहीं देंगे।

गोला प्रखंड का नेमरा गांव दिशोम गुरु शिबू सोरेन एवं वर्तमान मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन का पैतृक गांव है। यात्रा गुरुजी के गांव से ही शुरू करनी है। गांव वाले इसे हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ साजिश मान रहे हैं । इसलिए वे हरवे हथियार के साथ जुटे हैं।
1.30 बजे तक देवेंद्र महतो यहां नहीं पहुंचे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं।
जेपीएससी-जेएसएससी में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती की मांग को लेकर दूसरे चरण की यात्रा आज से

देवेंद्र नाथ महतो
- पारंपरिक रीति-रिवाज, राष्ट्रगान, मांदर की थाप और सखुआ पौधे के रोपण के साथ होगा शुभारंभ : देवेंद्र नाथ महतो
रांची : झारखंड छात्र आंदोलन के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग को लेकर चल रहे अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 24 अगस्त को रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित लुकैया टांड़ से होगी। यह वही गांव है, जिसे दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव के रूप में जाना जाता है।
देवेंद्र नाथ महतो ने प्रेसवार्ता में बताया कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का शुभारंभ झारखंड की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और रीति-रिवाजों के अनुरूप किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पाहन की मौजूदगी में पारंपरिक विधि-विधान संपन्न होंगे। इसके बाद मांदर की थाप के बीच राष्ट्रगान, महापुरुषों को नमन और सखुआ (साल) के पौधे का रोपण कर यात्रा को रवाना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम झारखंड की धरती, संस्कृति, प्रकृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक होगा।
24 जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा
नेमरा से शुरू होने वाली यात्रा झारखंड के विभिन्न जिलों में पहुंचेगी। रामगढ़ के बाद हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पलामू और गढ़वा होते हुए यात्रा रांची पहुंचेगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों और युवाओं के बीच भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को लेकर जागरूकता बढ़ाना तथा व्यापक जनसमर्थन जुटाना है।
न्यायिक मामलों में मदद के लिए लीगल टीम भी साथ
यात्रा के दौरान अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े न्यायिक मामलों में आवश्यक सहयोग देने के लिए अधिवक्ताओं की टीम भी मौजूद रहेगी। जो अभ्यर्थी संबंधित मामलों में इंटरवेनर के तौर पर न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें वकालतनामा समेत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया में सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि इसका उद्देश्य ऐसे अभ्यर्थियों को कानूनी मंच उपलब्ध कराना है, जिनके हित भर्ती प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं और जो कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना चाहते हैं।
शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलेगा अभियान
उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा पूरी तरह संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित होगी। अभियान में किसी भी तरह की हिंसा, उपद्रव अथवा कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधि को स्थान नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं के समक्ष अभ्यर्थियों की समस्याओं, मांगों तथा भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों को लोकतांत्रिक माध्यम से मजबूती से रखना ही अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
युवाओं में दिख रहा उत्साह
यात्रा को लेकर राज्यभर के अभ्यर्थियों और युवाओं में उत्साह है। विभिन्न जिलों से लोगों के समर्थन और सहभागिता की बात सामने आ रही है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए इस यात्रा को महत्वपूर्ण जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी है।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अभियान का लक्ष्य ऐसी भर्ती व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता की कोई गुंजाइश न हो। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य, अधिकार और सम्मान की लोकतांत्रिक आवाज को 24 जिलों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अभियान छात्र-युवा आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण जनअभियान के रूप में दर्ज होगा।


