
Ranchi : झारखंड में नियुक्ति घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहनन की पीठ ने हरिशरण देवगन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर झारखंड में हुए कथित नियुक्ति घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और छात्र भी मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार सीबीआई जांच के पक्ष में नहीं है।
याचिका के अनुसार, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के माध्यम से हुई नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। नियुक्ति घोटाले से संबंधित जांच के दौरान पैसे लेकर अयोग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
याचिका में कहा गया है कि सीआईडी जांच में मिली जानकारी के आधार पर राज्य सरकार ने 22 नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। वहीं छह नियुक्तियों की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है। इसके अलावा पहले हो चुकी 17 नियुक्तियों को भी गड़बड़ी की आशंका के कारण जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
हरिशरण देवगन की ओर से दाखिल याचिका में झारखंड सरकार, केंद्र सरकार, सीबीआई, सीआईडी, जेपीएससी और जेएसएससी को प्रतिवादी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के नोटिस जारी करने के आदेश के बाद नियुक्ति घोटाले की जांच और कार्रवाई को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

