Home » Jamshedpur News: ऑटो ड्राइवर को पीट रहे थे तीन दबंग, पुलिस पहुंची तो हवलदार की कार्बाइन छीनने का किया प्रयास, भेजे गए जेल

Jamshedpur News: ऑटो ड्राइवर को पीट रहे थे तीन दबंग, पुलिस पहुंची तो हवलदार की कार्बाइन छीनने का किया प्रयास, भेजे गए जेल

पुलिस नहीं पहुंचती तो जा सकती थी ऑटो ड्राइवर की जान, थाने की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी घटना

by Mujtaba Haider Rizvi
Arresting jugsalai
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : जमशेदपुर के जुगसलाई से एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां तीन दबंगों ने जुगसलाई थाना के सहायक अवर निरीक्षक के पद पर तैनात गोपाल पांडे की सरकारी कार्बाइन छीनने की कोशिश की। यही नहीं, सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। यह तीनों दबंग जुगसलाई रेलवे फाटक गोल चक्कर के पास एक ऑटो ड्राइवर से झगड़ा कर रहे थे।

इन आरोपियों ने ऑटो ड्राइवर पर जानलेवा हमला किया। किसी ने घटना की सूचना जुगसलाई थाना पुलिस को दी। इस पर थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खान के निर्देश पर थाने से सहायक अवर निरीक्षक गोपाल पांडे फौरन मौके पर पहुंच गए और ऑटो ड्राइवर को दबंगों के चंगुल से बचने की कोशिश करने लगे। तभी तीनों दबंगों ने गोपाल पांडे से दुर्व्यवहार शुरू कर दिया और उनकी कार्बाइन छीनने का प्रयास किया।

साथ ही तरह-तरह की धमकी दी। घटना की जानकारी थाने पर दी गई। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, उनमें परसूडीह थाना क्षेत्र के गोलपहाड़ी नया बस्ती का रहने वाला गौरव कुमार, साकची जेल चौक का रहने वाला सचिन सिंह और मानगो के उलीडीह थाना क्षेत्र के डिमना रोड संजय पथ लक्ष्मण नगर का रहने वाला विकास धान हैं। घटना रविवार शाम 6:00 बजे की है। सोमवार को पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को आज जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ऑटो चालक पर इन लोगों ने क्यों जानलेवा हमला किया था।

जमशेदपुर में 74 लाख की साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार, खुद को बताता था सॉफ्टवेयर डेवलपर

एमजीएम थाना पुलिस ने 74 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी के मामले में आरोपी दीपांकर सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी डिमना रोड स्थित शिरोमणि नगर के भागीरथी ब्लॉक में रहता है। सोमवार को पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, दीपांकर सिंह खुद को सॉफ्टवेयर डेवलपर बताता था। आरोप है कि उसने कारोबारी मनीष कुमार अग्रवाल से 74 लाख रुपये की ठगी की। रकम लेने के बाद आरोपी ने कारोबारी को चेक दिया, लेकिन वह बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद मनीष कुमार अग्रवाल ने एमजीएम थाना में दीपांकर सिंह और उसकी पत्नी कोमल दूबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को दीपांकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

Read also JPSC नियुक्ति घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार समेत अन्य को भेजा नोटिस, CBI जांच की मांग तेज

Related Articles

Leave a Comment