
रांची : JSSC CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच अब और तेज हो गई है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए शुक्रवार को सीआईडी की टीम अचानक झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के दफ्तर पहुंच गई। जांच टीम ने दफ्तर से परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। सीआईडी ने आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता और कई अन्य कर्मचारियों से कड़ाई से पूछताछ की। सभी के बयान दर्ज किए गए हैं। सीआईडी ने जो फाइलें जब्त की हैं, उनकी आधिकारिक रसीद भी आयोग के अफसरों को दी गई है।
कंपनियों के चयन पर गहराया शक
इस बार सीआईडी का मुख्य ध्यान परीक्षा आयोजित कराने वाली बाहरी एजेंसियों पर है। टीम ने ‘वेबेल’ और ‘आईएनसी’ जैसी कंपनियों के चयन से जुड़े सारे कागजात जुटाए हैं।
पुलिस यह पता लगा रही है कि इन कंपनियों को ठेका कैसे मिला? इन्हें कब कौन-कौन से काम सौंपे गए और इन्होंने कौन सी परीक्षाएं कराईं।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सीआईडी आयोग के दफ्तर पहुंची है। इससे पहले PGTTCE परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने पर 17 अगस्त को भी सीआईडी ने छापा मारा था। उस दौरान सचिव के घर की तलाशी ली गई थी और उनसे कई घंटों तक पूछताछ हुई थी।
पुराने डिजिटल सबूतों और कागजातों की जांच के दौरान कुछ नए सुराग मिले थे। इन्हीं सुरागों का मिलान करने के लिए सीआईडी की टीम दोबारा जेएसएससी दफ्तर पहुंची थी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े खुलासे हो सकते हैं।

