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Kapali Fake Factory : कपाली में पकड़ी गई नकली पाइप व वाटर टैंक फैक्ट्री

by Rakesh Pandey
Kapali Fake Factory
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जमशेदपुर : जमशेदपुर से सटे झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत कपाली में नकली पाइप और वाटर टैंक फैक्ट्री पकड़ी गई है। इसका पता तब चला, जब मुंबई की कंपनी के अधिकारियों के साथ कपाली आउट पोस्ट की पुलिस ने 26 फरवरी 2026 को छापेमारी की। दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. ऋषि कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मैं मेसर्स प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करता हूं। यह मुंबई में स्थित है। हमारी कंपनी की वार्षिक बिक्री 25 अरब रुपये से अधिक है। पूरे भारत में उनके 8 संयंत्र हैं। यह कंपनी प्रिंस पीवीसी पाइप, स्टोरेज वाटर टैंक और सैनिटरी फिटिंग बनाती है।

हमें यह जानकारी थी कि निम्नलिखित पार्टी हमारे डुप्लीकेटं या लुकलाइक प्रिंस ब्रांड पाइपों का बड़े पैमाने पर उत्पादन और बिक्री/व्यवहार कर रही थी। वे लुकलाइक प्रिंस इंडिया स्टोरेज वाटर टैंक और पीवीसी पाइप बेच रहे थे। इस पर हमारी कंपनी ने कपाली ओपी (थाना) में शिकायत दर्ज कराई। इसमें मानगो रोड पर कमारगोड़ा स्थित ज़ीप्लास्ट इंडस्ट्रीज में प्रिंस ब्रांड के उत्पाद बनाने और बेचने का आरोप लगाया गया। इस कंपनी का मालिक मुस्तफा नामक व्यक्ति है।

छापेमारी के दौरान कंपनी से डुप्लीकेट प्रिंस इंडिया स्टोरेज वॉटर टैंक और पाइप के सैंपल मिले। प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली प्लेट्स भी पुलिस ने ज़ब्त कर ली हैं। अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने कंपनी परिसर में ही डुप्लीकेट सामानों को सुरक्षित रखने के लिए मालिक को चेताया है। इस मामले में जमशेदपुर सिविल कोर्ट से फैसला आने के बाद ही सामानों को जब्त या नष्ट किया जाएगा। कंपनी के मालिक मुस्तफा ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह 2012 से ही डुप्लीकेसी कर रहा था।

उपयोगकर्ताओं की सेहत से भी कर रहा था खिलवाड़

अधिवक्ता डॉ ऋषि कुलश्रेष्ठ ने बताया कि ओरिजिनल प्रिंस वॉटर टैंक और पाइप 50 साल से ज़्यादा चलते हैं। वे बनाने में फ़ूड ग्रेड और ISI ग्रेड के रॉ मटीरियल का इस्तेमाल करते हैं, जबकि डुप्लीकेट बनाने वाले प्रोडक्शन में सस्ते केमिकल का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उनसे गुज़रने वाला पानी खराब हो जाता है और इंसानों के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। डुप्लीकेट बनाने वाले कोई टैक्स भी नहीं देते हैं। प्रिंस पाइप BIS अप्रूव्ड पैरामीटर्स पर हैं और उनके पास BIS सर्टिफिकेट हैं, जो स्टोरेज वॉटर टैंक और PVC पाइप के लिए ज़रूरी है, जबकि डुप्लीकेट पाइप पर ISI अप्रूव्ड BIS मार्क या स्टैम्प नहीं है और उनकी क्वालिटी बहुत खराब है। यह भी अपने आप में एक गंभीर अपराध है।

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