Dhanbad (Jharkhand) : धनबाद के कतरास क्षेत्र में मां अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग परियोजना में हुए भू-धंसान हादसे के दूसरे दिन भी बचाव कार्य जारी रहा। लैंडस्लाइड के बाद एक सर्विस वैन के 400 फीट गहरी खाई में गिरने के बाद अब राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार सुबह एनडीआरएफ की टीम को बड़ी सफलता मिली, जब उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद वैन के ड्राइवर ग्यासुद्दीन का शव बरामद कर लिया।
रांची से पहुंची एनडीआरएफ की बटालियन ने सुबह करीब 11:05 बजे दो नौकाओं की मदद से खोजबीन शुरू की। टीम का नेतृत्व कौशल कुमार कर रहे हैं, जबकि कमांडेंट सुनील कुमार सिंह खुद पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। सुनील कुमार सिंह ने बताया कि उनकी टीम ऐसे चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को संभालने में पूरी तरह सक्षम है।
तीन शवों की हो चुकी है पहचान
इस हादसे में पहले भी तीन शवों की बरामदगी का दावा किया गया था। अंगारपथरा ओपी प्रभारी के अनुसार, जिनकी पहचान अमन कुमार, स्वरूप गोप और अमित भगत के रूप में हुई थी। इन सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। हादसे के बाद सर्विस वैन को पेलोडर मशीन और मुनिडीह से आए गोताखोरों की मदद से बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन ड्राइवर का शव तब नहीं मिल पाया था।
हादसे के बाद से ही मौके पर जिला प्रशासन, बाघमारा अंचलाधिकारी गिरजानंद किस्कू, अंगारपथरा ओपी प्रभारी प्रवीण कुमार और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। बीसीसीएल प्रबंधन ने भी कांटा पहाड़ी पैच के पास बैरियर लगाकर सुरक्षा कड़ी कर दी है। लापता मजदूरों की तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है।

