Khunti: झारखंड के खूंटी जिले में डकैती की एक बड़ी वारदात को ग्रामीणों की सतर्कता और एक गृहस्वामी की बहादुरी ने नाकाम कर दिया। अड़की सीमा से सटे मुरहू थाना क्षेत्र के डेहकेला गांव में शनिवार देर रात हथियारबंद डकैतों ने एक घर पर धावा बोला, लेकिन परिवार और ग्रामीणों के विरोध के चलते उनकी योजना विफल हो गई।
गौरतलब है कि गृहस्वामी केदार अहीर सरवादा बाजार से रोजी-रोटी के लिए गुलगुला-पकौड़ी बेचकर घर लौटे थे। इसी दौरान छह-सात बाइक पर सवार डकैतों का गिरोह उनके घर पहुंचा और पिस्टल के बल पर लूटपाट की कोशिश करने लगा। डकैतों ने फायरिंग का प्रयास किया, लेकिन तीन बार ट्रिगर दबाने के बावजूद गोली नहीं चली। इस मौके का फायदा उठाते हुए केदार अहीर ने साहस दिखाया और पत्नी से डंडा मंगाकर डकैतों का सामना किया। संघर्ष के दौरान उनका बेटा रूसू अहीर भी एक डकैत को पकड़ने में जुट गया। तभी दूसरे डकैत ने उस पर गोली चला दी, जो उसके जांघ के पास जा लगी।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों की भीड़ को देख डकैत भागने लगे, लेकिन एक आरोपी खुदीराम ओड़ेया को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि ग्रामीण आरोपी का ‘सेंदरा’ करने के मूड में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में आ गई। सूचना मिलते ही एसडीपीओ वरुण कुमार रजक और मुरहू थाना प्रभारी नायाल गोडविन केरकेट्टा मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराया।
घायल रूसू अहीर और पकड़े गए आरोपी को खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए रूसू अहीर को रिम्स रांची रेफर किया गया है। पुलिस ने अन्य फरार डकैतों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। रविवार को गांव में इस घटना को लेकर ग्रामीणों की बैठक भी हुई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा की गई।

