
चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग में मंगलवार को ज्ञान प्रबंधन और फील्ड वर्क डॉक्यूमेंटेशन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. डॉ. अंजली गुप्ता और विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव डॉ. अमर कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता कुमारी ने संयोजक और डॉ. कंचन ने सह-संयोजक के रूप में किया। मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. तरवेज आलम उपस्थित थे। इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र रजक, डॉ. मीनाक्षी मुंडा, प्रदीप झा और आईक्यूएसी डायरेक्टर डॉ. रंजीत कर्ण भी मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता डॉ. तरवेज आलम ने कहा कि शोध और सामाजिक कार्यों में ज्ञान प्रबंधन और साक्ष्य निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है। अच्छा दस्तावेजीकरण ही किसी भी शोध को विश्वसनीय बनाता है। उन्होंने बताया कि बेहतर दस्तावेजीकरण के लिए पांच डब्ल्यू और एक एच यानी क्या, कब, कहां, क्यों, कौन और कैसे का ध्यान रखना जरूरी है। सही तरीके से डेटा संग्रह, उसका प्रबंधन और प्रस्तुतीकरण शोध की गुणवत्ता को बढ़ाता है।
कुलपति प्रो. अंजली गुप्ता ने छात्रों को शोध में ईमानदारी और मौलिकता पर जोर देने को कहा, वहीं कुलसचिव डॉ. अमर कुमार ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों को फील्ड वर्क में व्यावहारिक ज्ञान देती हैं।
कार्यशाला में पीजी भूगोल के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रा सरस्वती भूरिया पूर्ति सहित शोधार्थी सुदीप्तो, सरिता और शिक्षा मौजूद रहे। छात्रों ने ज्ञान प्रबंधन और फील्ड डॉक्यूमेंटेशन से जुड़े कई सवाल भी पूछे, जिनका वक्ताओं ने जवाब दिया।

