
Jamshedpur : मानगो ब्रिज पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को देखते हुए अब एंबुलेंस कॉरिडोर बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार जाम की वजह से गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में आपातकालीन वाहनों के लिए अलग और निर्बाध मार्ग तैयार करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।
इस मांग को और मजबूती उस घटना के बाद मिली, जब कुछ दिन पहले मानगो ब्रिज पर लगे लंबे जाम में एक एंबुलेंस फंस गई थी। एंबुलेंस में सवार गर्भवती महिला माला रानी भगत को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और उन्होंने एंबुलेंस के भीतर ही बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानगो ब्रिज पर सुबह और शाम के समय वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। कई बार जाम कई किलोमीटर तक फैल जाता है, जिससे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहन भी सामान्य ट्रैफिक में फंस जाते हैं। इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ता डा अफरोज शकील ने प्रशासन से मांग की है कि मानगो ब्रिज और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर स्थायी एंबुलेंस कॉरिडोर बनाया जाए। उनका कहना है कि ट्रैफिक जाम की समस्या के स्थायी समाधान के साथ ऐसी व्यवस्था भी जरूरी है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी जाम के कारण कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसलिए प्रशासन को जल्द प्रभावी योजना बनाकर एंबुलेंस कॉरिडोर की व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

