
रांची: रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा और उससे जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में करीब तीन वर्ष बाद पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को 17 में से 14 आरोपियों पर आरोप गठित कर दिए। हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राज कुमार पाहन की ओर से समय मांगे जाने के कारण उनके खिलाफ आरोप गठन फिलहाल टाल दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।
भुईंहरी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ईसीआईआर संख्या 06/2023 से संबंधित है। ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर बरियातू-बड़गाईं क्षेत्र की गैर-हस्तांतरणीय भुईंहरी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की और उससे अर्जित धन को वैध दिखाने का प्रयास किया। जांच में जब्त डायरियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के लेनदेन और आरोपियों के बीच संपर्क के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
अदालत ने पूर्व राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद समेत तपस घोष, शेखर कुशवाहा, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, आनंद तिर्की, अफसर अली, मो. इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रिया रंजन सहाय, बिपिन सिंह, बिजेंद्र सिंह, संजीत कुमार और मोहम्मद इरशाद के खिलाफ आरोप गठित किए।
साइबर ठगी के पीड़ित को 7 हजार लौटाने का आदेश
रांची : रांची की साइबर अपराध मामलों की विशेष अदालत ने साइबर ठगी के एक मामले में पीड़ित को राहत देते हुए फ्रीज की गई 7,000 रुपये की राशि लौटाने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश श्याम नंदन तिवारी ने पीड़ित सुरेंद्र कुमार चौधरी की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया।
मामले की जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना ने बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक के तीन खातों में कुल 7,000 रुपये फ्रीज किए थे। जांच में तीनों लाभार्थी खाते फर्जी पाए गए और किसी ने भी राशि पर दावा नहीं किया। साइबर थाना ने भी अपनी रिपोर्ट में पीड़ित को रकम लौटाने की अनुशंसा की थी।
अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता साइबर ठगी का शिकार है, इसलिए उसकी राशि अनावश्यक रूप से फ्रीज रखना उचित नहीं है। हालांकि, अदालत ने पीड़ित को जांच में सहयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर राशि उपलब्ध कराने की शर्त पर रकम लौटाने का निर्देश दिया।


