
चक्रधरपुर : हावड़ा मुंबई मुख्य मार्ग पर दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत बंडामुंडा और बिसरा रेलवे स्टेशन के बीच शुक्रवार देर रात एक जंगली हाथी के अचानक रेल पटरी के समीप आ जाने से हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर अफरा-तफरी मच गई। वन्यजीव और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रेलवे प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और अप, डाउन तथा थर्ड लाइन पर परिचालन पूरी तरह रोक दिया। इस वजह से लगभग 90 मिनट तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही।
कंट्रोल रूम को 1:25 बजे मिली सूचना
रेलवे सूत्रों के अनुसार रात करीब 1:25 बजे बंडामुंडा ए-केबिन और बिसरा स्टेशन के मध्य पटरियों के बेहद करीब हाथी की हलचल देखी गई। ड्यूटी पर तैनात लोको पायलट और रेलकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत इसकी खबर कंट्रोल रूम को दी। किसी भी बड़े हादसे की आशंका को टालने के लिए रेलवे ने तत्काल प्रभाव से तीनों लाइनों पर सिग्नल लाल कर दिया।
सुरक्षित जंगल में लौटने पर 2:57 बजे खुलीं ट्रेनें
सूचना मिलते ही वन विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम स्थिति पर नजर रखने में जुट गई। जब हाथी बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से घने जंगल की ओर लौट गया, तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली। रेलवे द्वारा मार्ग पूरी तरह स्पष्ट होने की पुष्टि किए जाने के बाद रात 2:57 बजे रेल यातायात पुनः शुरू कराया गया।
30 किमी/घंटा का कॉशन ऑर्डर, एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित
परिचालन बहाल होने के बावजूद रेलवे ने सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया। एहतियाती कदम उठाते हुए संबंधित रेलखंड पर ‘कॉशन ऑर्डर’ लागू कर दिया गया, जिसके तहत ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई। लोको पायलटों, सहायक चालकों और गार्डों को पूरे क्षेत्र में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। गति सीमा सीमित किए जाने के कारण कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के समय पर असर पड़ा।
रेल प्रशासन ने जताया खेद
मामले पर बयान जारी करते हुए रेलवे अधिकारियों ने कहा कि जंगलों से होकर गुजरने वाले ट्रैक पर वन्यजीवों और यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। आपात स्थिति में ट्रेनों को रोकना सुरक्षा प्रणाली का ही एक अनिवार्य हिस्सा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को हुई सामयिक असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है।

