गोरखपुर : वासंतिक नवरात्र की नवमी तिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर के भोजनालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने नौ दुर्गा स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पांव धोकर विधिपूर्वक पूजन किया।

मुख्यमंत्री ने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाई, आरती उतारी, और उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। इसके बाद, उन्होंने कन्याओं को दक्षिणा प्रदान कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठ की परंपरा का पालन करते हुए बटुक पूजन भी किया।

कन्या पूजन की यह परंपरा, विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान, शक्ति और मातृ देवता की आराधना का प्रतीक मानी जाती है, जिसमें विशेष रूप से कन्याओं का सम्मान किया जाता है। यह आयोजन मुख्यमंत्री के द्वारा मातृ शक्ति के प्रति अगाध श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।

इस पूजा के माध्यम से मुख्यमंत्री ने समाज में महिला सम्मान और शक्ति की महत्ता को भी उजागर किया। साथ ही, इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं को वासंतिक नवरात्र की शुभकामनाएं भी दीं।
इस धार्मिक अनुष्ठान से पहले उन्होंने अपने रोजाना के कार्यक्रम के तहत जनता से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनता दरबार में लगभग 200 फरियादियों से मुलाकात की, और उनकी शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। यदि किसी पीड़ित की समस्या को जान बूझकर लंबित किया जाता है या उसका समाधान नहीं किया जाता, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कहीं भी प्रशासनिक मदद में कोई कमी नजर आए, तो उसकी जांच कर समाधान किया जाए।
जनता दरबार में दी गई आश्वासन
गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्रभावी तरीके से समाधान कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि किसी भी शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने खासकर जमीन कब्जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से कहा कि इस पर विधि सम्मत कठोर कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे।
स्वास्थ्य सहायता और महिलाओं के लिए विशेष ध्यान
जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे जल्दी से जल्दी अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूरी कराकर शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद प्रदान की जा सके।
इसके अलावा, कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने आई थीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें विशेष प्यार और दुलार दिया और बच्चों को चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया।
नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत
जनता दर्शन के बाद, मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति अभियान के तहत प्रजापति ईश्वरी ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाई। इस वाहन के माध्यम से नशा मुक्ति के बारे में जागरूकता फैलाने का काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शैक्षिक और सामाजिक संस्थाओं की साझेदारी से इस प्रकार के अभियान सफल हो सकते हैं।

