
पलामू : मनरेगा एवं आवास योजनाओं की प्रगति में सुधार नहीं आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह चेतावनी पलामू के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सोमवार को दी। समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न विभागों की कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं,खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग,श्रम,नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग,अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति,अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, महिला,बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग,कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता विभाग,पंचायती राज विभाग,पेयजल एवं स्वच्छता विभाग,जेएसएलपीएस के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के कार्य प्रगति की सूक्षमता से समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर मनरेगा एवं आवास योजनाओं में प्रगति नहीं होने की स्थिति में संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। यह प्रखंड विकास पदाधिकारी का मूल कार्य है,इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी तरह भूमि हस्तांतरण के जितने मामले हैं सभी की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
सर्वप्रथम उन्होंने वित्तिय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के तहत अबुआ आवास योजना का रिव्यू किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जियो टैग,प्लिंथ लेवल या अन्य जिस स्तर पर किस्त लंबित है उन्हें जारी किया जाये। उन्होंने सभी बीडीओ को सप्ताह में एक बार आवास से जुड़ी योजनाओं का निरीक्षण करने की बात कही। इसी तरह ई-श्रम पोर्टल पर लंबित एंट्री को अद्यतन करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सदर एसडीएम,समाहर्ता कुंदन कुमार,छत्तरपुर व हुसैनाबाद एसडीओ,डीआरडीए निदेशक,अलग-अलग विभागों के पदाधिकारी समेत विभिन्न बीडीओ-सीओ उपस्थित रहे।
पलामू में आधार ऑपरेटरों को नई तकनीक की दी गई जानकारी
जिले के आधार ऑपरेटरों को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत “यूनिवर्सल क्लाइंट” पर नामांकन एवं अद्यतन तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई।

उप विकास आयुक्त सभागार में उदय प्रताप सिंह,पलामू जिला परियोजना पदाधिकारी,UIDAI के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से नामित आधार सुपरवाइजर एवं ऑपरेटरों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान नवीन नामांकन प्रक्रिया की चरणबद्ध जानकारी दी गई। पूर्व में बने आधार कार्ड के अद्यतन की मानक प्रक्रिया, यूनिवर्सल क्लाइंट सॉफ्टवेयर के प्रयोग में सावधानियां एवं तकनीकी बिंदु, दस्तावेज सत्यापन, बायोमीट्रिक सत्यापन तथा ऑपरेटर लॉग मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष बल दिया गया।
उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नागरिकों की पहचान को सुरक्षित, सटीक और अद्यतन बनाए रखना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हर आधार ऑपरेटर को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी त्रुटिपूर्ण या अपूर्ण नामांकन अथवा अपडेट न हो। प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में आधार सेवाओं की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। प्रशिक्षण में शामिल सभी ऑपरेटरों ने प्राप्त जानकारी को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।
भारत सरकार के यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा निर्धारित नई नियमावली एवं तकनीकी प्रक्रियाओं के तहत जिले के आधार ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

