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Jharkhand High Court: गैंगस्टर अमन साहू एनकाउंटर मामले में आया अपडेट; हाई कोर्ट ने सरकार से मांगी सीआईडी जांच की केस डायरी

by Kanchan Kumar
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रांची। गैंगस्टर अमन साहू के एनकाउंटर मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार से सीआईडी जांच की केस डायरी मांगी है। कोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की। प्रार्थी एवं राज्य सरकार दोनों पक्षों की सुनने के बाद कोर्ट ने सीआईडी की केस डायरी तलब की है।

प्रार्थी के अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने कोर्ट को बताया मामले में दो केस हना चाहिए था। क्योंकि एक पक्ष की बातें ठीक से सुनी नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जो केस दर्ज किया है उसमें अमन साहू के भागने पर उसके एनकाउंटर करने की बात कही गई है। जबकि अमन की मां ने ऑनलाइन एफआईआर में पुलिस द्वारा जानबूझकर अमन का एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है। अमन की मां ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।

लेकिन यहां तो पुलिस ने अमन की मां की सूचनाओं के आधार पर ऑनलाइन एफआईआर रजिस्टर ही नहीं किया है। सीआईडी की जो जांच चल रही है उसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई अनुसंधान नहीं हो रहा है। जानबूझकर मामले को लटकाया जा रहा है।

महाधिवक्ता ने कहा- दूसरी प्राथमिकी की जरूरत नहीं

अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून को निर्धारित की गई है। दूसरी तरफ सरकार की ओर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अमन की मां के ऑनलाइन एफआईआर पर अनुसंधान के बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमन की मां ने जिन बातों का उल्लेख किया है उन सारे बिंदुओं पर जांच हो रही है। इसलिए मामले में दूसरी प्राथमिकी करने की जरूरत नहीं है। मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद योग एवं जस्टिस संजय प्रसाद की पीठ में हुई। अमन की मां ने इस एनकाउंटर की घटना की साबीआई जांच कराने की मांग की थी जिसके आधार पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है।

कोर्ट ने दिया था ऑनलाइन एफआईआर को जल्द रजिस्टर करने का निर्देश

इसके पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने कहा था की अमन की मां की ओर से किया गया ऑनलाइन एफआईआर को जल्द रजिस्टर करें। वहीं प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 1 साल से उनके प्रयास के बावजूद भी एनकाउंटर मामले में उसकी मां की ओर से की गई ऑनलाइन एफआईआर पुलिस ने रजिस्टर नहीं किया है। यह मामला कॉग्निजेंस ऑफेंस का है।

मामले में ऑनलाइन प्राथमिकी को रजिस्टर नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि सीआईडी में अमन साव के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, उसी के साथ अमन के परिजनों की ओर से की गई ऑनलाइन प्राथमिकी की बातों को भी समाहित कर अनुसंधान किया जा रहा है।

अमन की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है जिसमें 11 मार्च 2025 को पलामू में पुलिस द्वारा उनके बेटे के कथित एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की गई है ।

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