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Palamu elephant case : हथिनी चोरी नहीं, पार्टनरशिप विवाद का निकला मामला

Palamu elephant case : पलामू से लापता हथिनी बिहार के छपरा से की गई थी बरामद

by Anand Mishra
Chaibasa Hindi News
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Palamu (Jharkhand) : झारखंड के पलामू जिले से कथित चोरी हुई हथिनी को आखिरकार बिहार के छपरा जिले से बरामद कर लिया गया है। 17 दिनों तक चली पुलिस की तकनीकी जांच और मुखबिरों की सूचना पर हथिनी को सुरक्षित रिकवर किया गया। यह मामला झारखंड पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि राज्य में पहली बार किसी हथिनी की चोरी की शिकायत दर्ज हुई थी।

चोरी नहीं, पार्टनरशिप विवाद का नतीजा

बरामदगी के बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ। हथिनी चोरी नहीं हुई थी, बल्कि यह पार्टनरशिप विवाद का परिणाम था। जानकारी के अनुसार, चार साझेदारों ने करीब 40 लाख रुपये में हथिनी खरीदी थी। लेकिन तीन साझेदारों ने चौथे को धोखा देकर हथिनी को मात्र 27 लाख रुपये में बेच दिया।

पैदल पलामू से गोपालगंज, फिर ट्रक से छपरा

पुलिस जांच में सामने आया कि हथिनी को पहले पैदल पलामू से बिहार के गोपालगंज तक ले जाया गया। वहां से ट्रक में लादकर उसे छपरा जिले के अमनौर लाया गया। यहां हथिनी को अमनौर के पहाड़पुर निवासी गोरख सिंह को बेचा गया, जिनके पास पहले से ही दो हाथी मौजूद थे।

पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई

गोपनीय सूचना के बाद पलामू सदर थाना पुलिस ने स्थानीय वन विभाग और छपरा पुलिस की मदद से छापेमारी की। हथिनी की सत्यापन के बाद उसे कब्जे में लिया गया और फिलहाल जिम्मेनामा पर गोरख सिंह के पास ही रखा गया है।

महावत फरार, सभी पक्षों को नोटिस

इस पूरे मामले में जिस महावत पर हथिनी चोरी का आरोप था, वह फरार है। पुलिस ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर 7 अक्टूबर को पलामू सदर थाने में पेश होने का आदेश दिया है।

मिर्जापुर निवासी ने लगाया था चोरी का आरोप

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला ने हथिनी की चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि 11 अगस्त को जोरकट इलाके में उनकी हथिनी मौजूद थी, लेकिन 13 अगस्त को वह अचानक गायब हो गई। लंबे समय तक खोजबीन के बाद जब कुछ पता नहीं चला, तो 12 सितंबर को उन्होंने पुलिस में लिखित शिकायत दी।

पुलिस का आधिकारिक बयान

पलामू पुलिस अधीक्षक रिष्मा रमेशन ने बताया,
“ऐसा पहली बार हुआ कि हथिनी चोरी की शिकायत दर्ज हुई। तकनीकी और गोपनीय सूचना के आधार पर हथिनी बरामद कर ली गई है। अब तक की जांच में यह मामला चोरी का नहीं बल्कि पार्टनरशिप विवाद का निकला है। सभी पक्षों से 7 अक्टूबर को पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद और कई खुलासे संभव हैं।”

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