चेन्नई : चेन्नई में 20 करोड़ रुपये के हीरों की सुनियोजित चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी थूथुकुडी जिले के पांडियापुरम टोल बूथ के पास की गई, जहां संदिग्ध वाहन से गुजर रहे चार लोगों को चेन्नई स्पेशल पुलिस ने रोका और हिरासत में लिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच तेजी से जारी है।
ऐसे रची गई हीरा चोरी की साजिश
विरुगमबक्कम निवासी 70 वर्षीय चंद्रशेखर महंगी पुरानी वस्तुओं की खरीद-फरोख्त करते हैं। उनके पास मदुरै के एक व्यवसायी का 17 कैरेट का हीरा गहना बिक्री के लिए रखा गया था। इसे बेचने के लिए उन्होंने चेन्नई के विभिन्न बिचौलियों राहुल (विल्लीवक्कम), अरोकियाराज (सेक्कडू, मनाली) और सुब्बन (सैदापेट) से संपर्क किया। बिचौलिए हीरा देखने के बहाने चंद्रशेखर के घर पहुंचे और 23 करोड़ रुपये की कीमत तय कर ली।
होटल में बुलाकर की वारदात
इसके बाद, रविवार को बिचौलियों ने चंद्रशेखर से कहा कि खरीदार पैसे लेकर चेन्नई के वडापलानी स्थित एक निजी होटल में पहुंचेंगे। चंद्रशेखर अपनी दत्तक बेटी जानकी (27) के साथ होटल पहुंचे और हीरा लेकर निर्दिष्ट कमरे में गए। काफी देर तक बाहर न आने पर जानकी ने जाकर देखा तो चंद्रशेखर के हाथ-पांव बंधे थे और हीरे के गहने गायब थे।
होटल स्टाफ की सूचना पर पहुंची पुलिस, चार गिरफ्तार
होटल प्रबंधन द्वारा सूचना दिए जाने पर त्यागराय नगर पुलिस ने कार्रवाई की और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जानकी, उसके दोस्त सुब्रमणि, ड्राइवर आकाश और सभी संदिग्ध बिचौलियों से पूछताछ शुरू की। जांच में तेजी लाते हुए चेन्नई स्पेशल पुलिस ने थूथुकुडी में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता की संभावना, जांच में जुटी चेन्नई स्पेशल पुलिस
पुलिस को आशंका है कि इस वारदात में एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह शामिल हो सकता है, जिसने बिचौलियों के जरिए चंद्रशेखर को जाल में फंसाया। चोरी गए हीरे की बरामदगी और मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही हैं।

