चंदौसी : संभल स्थित जामा मस्जिद में पिछले साल 24 नवंबर को हुए हिंसा के मामले में पुलिस ने सांसद जियाउर्रहमान बर्क को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले में तीन प्रमुख व्यक्तियों – जफर अली, सांसद बर्क और सुहेल इकबाल के खिलाफ दंगा भड़काने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया है।
इस मामले में जफर अली को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब पुलिस ने सांसद बर्क को भी सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। इस नोटिस के माध्यम से सांसद को विवेचना में सहयोग करने के लिए कहा जाएगा। यह प्रक्रिया उन मामलों में अपनाई जाती है जिनमें सात वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान हो।
गौरतलब है कि नोटिस देने का उद्देश्य आरोपी से जांच में मदद लेना होता है और आरोपी होते हुए भी व्यक्ति को जमानत की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, अगर पुलिस चार्जशीट दाखिल करती है तो कोर्ट की कार्रवाई के बाद जमानत की आवश्यकता हो सकती है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सांसद से विवेचना में सहयोग लेना जरूरी है। इसके अलावा, उनके सार्वजनिक बयान और अदालत में दिए गए हलफनामे की भी जांच की जाएगी।

