Home » Jamshedpur News: जमशेदपुर में नहीं रुक रहीं आपराधिक घटनाएं, सिदगोड़ा में युवक पर चापड़ से हमला, साकची में मिले शव की हुई पहचान

Jamshedpur News: जमशेदपुर में नहीं रुक रहीं आपराधिक घटनाएं, सिदगोड़ा में युवक पर चापड़ से हमला, साकची में मिले शव की हुई पहचान

जांच समिति पहले ही एमजीएम अस्पताल में मरीजों के लिए ड्रेस कोड लागू करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश कर चुकी है, लेकिन अब तक इन सुझावों पर अमल नहीं हो पाया है।

by Mujtaba Haider Rizvi
sidgora chapad
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : जमशेदपुर में दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। एक ओर सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में एक युवक पर चापड़ से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, वहीं दूसरी ओर साकची में लावारिस हालत में मिले शव की पहचान एमजीएम अस्पताल से लापता मरीज के रूप में हुई। दोनों मामलों की जांच पुलिस कर रही है।

सिदगोड़ा में युवक पर चापड़ से हमला, नकदी गायब होने का आरोप

सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के टाउन हॉल के समीप रविवार की देर रात करीब नौ बजे बारीडीह निवासी अभिषेक गिरी पर चापड़ से हमला कर दिया गया। बताया गया कि अभिषेक मानगो से अपने घर लौट रहे थे, तभी कुछ युवकों ने उन्हें रोककर उन पर हमला कर दिया।

गंभीर रूप से घायल अभिषेक को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल अभिषेक का आरोप है कि हमले के दौरान उनकी जेब में रखे 10 हजार रुपये भी गायब हो गए। उन्होंने अमित सिंह, अभिषेक सिंह, रितिक सिंह और देप्पू पर हमला करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी आरोपी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सिदगोड़ा थाना पुलिस ने बताया कि घटना में अजय रविदास नामक एक अन्य युवक भी घायल हुआ है, जिसके नाक और हाथ में चोट आई है। पुलिस के अनुसार दोनों घायलों के बयान अलग-अलग हैं, इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

साकची में मिले शव की पहचान, एमजीएम अस्पताल से लापता थे संताराम

साकची थाना क्षेत्र में सोमवार को टाटा स्टील गेट के पास लावारिस हालत में मिले शव की पहचान हरहरगुट्टू निवासी 55 वर्षीय संताराम हलुआ के रूप में हुई है। संताराम इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती थे और 10 जुलाई की देर रात शौचालय जाने की बात कहकर वार्ड से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।

वह 6 जुलाई से कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए अस्पताल के चौथे तल्ले पर बेड संख्या 414 पर भर्ती थे। शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे वार्ड से बाहर निकलने के बाद उनका कोई पता नहीं चला। सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आया कि वह अस्पताल के पिछले गेट से बाहर निकल गए थे। कुछ घंटों बाद उनका शव साकची स्थित कंपनी गेट के पास मिला। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

घटना के बाद मृतक के बेटे ने एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार परिसर में कुल 13 प्रवेश और निकास द्वार हैं, जबकि सुरक्षा कर्मी केवल तीन गेटों पर तैनात रहते हैं। बताया गया कि जांच समिति पहले ही एमजीएम अस्पताल में मरीजों के लिए ड्रेस कोड लागू करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश कर चुकी है, लेकिन अब तक इन सुझावों पर अमल नहीं हो पाया है।

इसी बीच शुक्रवार देर रात परसुडीह निवासी सुनील साहू भी वार्ड से लापता हो गए थे, जिन्हें सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल के बेसमेंट से सुरक्षित बरामद कर लिया। सूत्रों का कहना है कि नशे की लत या मानसिक अस्वस्थता के कारण कई मरीज अचानक वार्ड छोड़ देते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च महीने में भी बागबेड़ा निवासी एक मरीज अस्पताल से लापता हो गया था, जिसका शव बाद में अस्पताल परिसर से बरामद हुआ था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा और मरीजों की निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए ।

Read also Jamshedpur Crime: मानगो के चेपा पुल स्थित पकवान रेस्टोरेंट में हुआ बवाल, तोड़-फोड़ के साथ मारपीट

Related Articles

Leave a Comment