
Jamshedpur : टाटा स्टील में कर्मचारियों के गेटपास आवेदन की वर्षों पुरानी मैन्युअल और कागज आधारित प्रक्रिया अब समाप्त कर दी गई है। कंपनी ने गेटपास की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल करते हुए ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया है। इससे आवेदन से लेकर अनुमोदन और गेटपास के उपयोग तक की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो गई है।
पहले गेटपास आवेदन के लिए कागज की तीन प्रतियां तैयार की जाती थीं। एक प्रति कर्मचारी के पास रहती थी, दूसरी गेटपास बुक में रखी जाती थी और तीसरी गेटपास बॉक्स में जमा करनी पड़ती थी। अब किसी भी भौतिक प्रति की आवश्यकता नहीं होगी। कर्मचारियों को गेट या टाइम ऑफिस में गेटपास की प्रति जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गेटपास से संबंधित सभी विवरण सीधे टाइम एंड अटेंडेंस सिस्टम में दर्ज होंगे।
मैन्युअल रिकॉर्डिंग की जरूरत खत्म
पहले गेटपास बॉक्स में जमा की गई प्रति के आधार पर टाइम ऑफिस कर्मचारी के आने-जाने का समय मैन्युअल रूप से दर्ज करता था। नई डिजिटल व्यवस्था में कर्मचारी के गेटपास के जरिए पंच-आउट और पंच-इन का समय स्वत: रिकॉर्ड हो जाएगा। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप समाप्त होगा और समय की रिकॉर्डिंग अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी।
आवेदन और अनुमोदन की सूचना ऑनलाइन
पहले गेटपास आवेदन के संबंध में कर्मचारी या अनुमोदक को स्वत: ई-मेल अथवा एसएमएस सूचना भेजने की व्यवस्था नहीं थी। अब गेटपास का अनुरोध प्राप्त होते ही कर्मचारी को स्वचालित ई-मेल और एसएमएस सूचना मिलेगी, जबकि अनुमोदक को ई-मेल के माध्यम से जानकारी भेजी जाएगी।
रीयल-टाइम ट्रैकिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
नई व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि गेटपास आवेदन, उसके अनुमोदन और उपयोग का केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। कर्मचारी और संबंधित अधिकारी गेटपास आवेदन की स्थिति की रीयल-टाइम ट्रैकिंग और निगरानी कर सकेंगे। इससे कागजी कार्रवाई कम होने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।


