
Jamshedpur : टाटा स्टील ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय परिणाम जारी किए। निदेशक मंडल की बैठक के बाद जारी समेकित रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने 60,794 करोड़ रुपये का कुल राजस्व और 9,370 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया। चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिचालन परिस्थितियों के बावजूद कंपनी के EBITDA में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
भारत में मजबूत रही कारोबारी स्थिति
टाटा स्टील के भारतीय परिचालन का राजस्व 36,989 करोड़ रुपये रहा, जबकि EBITDA 9,908 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन 27 प्रतिशत रहा। भारत में प्रति टन EBITDA तिमाही-दर-तिमाही 3,255 रुपये बढ़कर 19,162 रुपये प्रति टन पहुंच गया।
पहली तिमाही में भारत में 5.76 मिलियन टन क्रूड स्टील का उत्पादन और 5.17 मिलियन टन डिलीवरी हुई। मेरामंडली और कलिंगनगर संयंत्रों में रखरखाव (मेंटेनेंस) शटडाउन के कारण उत्पादन और डिलीवरी प्रभावित रही। कंपनी को आगामी तिमाहियों में उत्पादन और आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
नीदरलैंड्स में परिचालन प्रभावित
नीदरलैंड्स इकाई का तिमाही राजस्व 1,445 मिलियन यूरो रहा, जबकि EBITDA 4 मिलियन यूरो दर्ज किया गया। यहां 1.55 मिलियन टन लिक्विड स्टील का उत्पादन और 1.40 मिलियन टन की डिलीवरी हुई। डायरेक्ट शीट प्लांट बंद रहने से परिचालन प्रभावित हुआ। हालांकि स्थानीय पर्यावरण प्राधिकरण ने ट्रायल रन की अनुमति दे दी है और इसके बाद संयंत्र का पूर्ण संचालन शुरू होने की संभावना है।
यूके में घाटा हुआ कम
यूके परिचालन का राजस्व 484 मिलियन यूरो रहा। EBITDA घाटा घटकर 27 मिलियन यूरो पर आ गया, जो कंपनी के लिए राहत की बात है। तिमाही के दौरान कंपनी ने 3,579 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश (कैपिटल एक्सपेंडिचर) भी किया।
लुधियाना और टिनप्लेट विस्तार परियोजनाओं पर तेजी
कंपनी ने बताया कि लुधियाना में 0.75 एमटीपीए इलेक्ट्रिक फर्नेस परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा 0.7 एमटीपीए हॉट रोल्ड पिक्लिंग एवं गैल्वनाइजिंग लाइन का निर्माण जारी है। टिनप्लेट संयंत्र की क्षमता 0.4 एमटीपीए से बढ़ाकर 0.7 एमटीपीए करने के पहले चरण का विस्तार भी प्रगति पर है।
मजबूत वित्तीय स्थिति
तिमाही के अंत तक कंपनी का शुद्ध कर्ज (नेट डेट) 84,173 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 2.3 गुना दर्ज किया गया। समूह के पास 45,950 करोड़ रुपये की मजबूत लिक्विडिटी उपलब्ध है, जिसमें 13,221 करोड़ रुपये नकद एवं नकद समकक्ष शामिल हैं।
नीलाचल इस्पात निगम में होगा बड़ा निवेश
टाटा स्टील के निदेशक मंडल ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) में स्टील निर्माण क्षमता को 4.8 एमटीपीए तक बढ़ाने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस विस्तार पर लगभग 33,873 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कंपनी का मानना है कि इससे लॉन्ग प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी और खुदरा बाजार में ब्रांडेड उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
टीवी नरेंद्रन ने क्या कहा
टाटा स्टील के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेंद्रन ने कहा कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और कच्चे माल की लागत पर असर पड़ा तथा विदेशी परिचालनों को भी व्यवधानों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद कंपनी ने लगातार तीसरी तिमाही में प्रति टन EBITDA में सुधार दर्ज किया।
उन्होंने कहा कि भारत कंपनी के प्रदर्शन का सबसे मजबूत आधार बना रहा, जहां घरेलू डिलीवरी 11 प्रतिशत बढ़कर 4.85 मिलियन टन तक पहुंच गई। ऑटोमोटिव एवं स्पेशल प्रोडक्ट्स कारोबार ने पहली तिमाही में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि टाटा टिस्कॉन और टाटा स्टीलियम जैसे ब्रांडों की बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म आशियाना और DIGECA ने मिलकर लगभग 2,200 करोड़ रुपये का सकल व्यापार मूल्य (GMV) हासिल किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 61 प्रतिशत अधिक है। साथ ही कंपनी ने जहाज निर्माण, डेटा सेंटर और कंटेनर जैसे उभरते क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत की है।

