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Young Voters : युवा मतदाताओं के पंजीकरण में तेजी लाने का निर्देश, 15 सितंबर तक ही जमा होंगे फॉर्म-6

by Nikhil Kumar
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6,722 बूथों पर नए वोटरों का नहीं खुला खाता

नहीं खाता खुलने वाले रांची के सर्वाधिक 1,209 केंद्र

रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद नए मतदाताओं को सूची में जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन विभाग ने जिलों को सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य के 6,722 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी फॉर्म-6 नहीं मिला है, अर्थात नए वोटर नहीं जुड़े हैं। इनमें सबसे ज्यादा रांची के 1,209 मतदान केंद्र हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कम आवेदन वाले मतदान केंद्रों की विशेष समीक्षा करने और पात्र युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
एसआईआर के तहत पांच अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नए मतदाताओं से फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा-पत्र के माध्यम से आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित है।
रांची के बाद पलामू और हजारीबाग की स्थिति चिंताजनक
मतदान केंद्रवार समीक्षा में रांची के अलावा पलामू के 592, हजारीबाग के 572, गिरिडीह के 416 और धनबाद के 392 मतदान केंद्रों पर एक भी फॉर्म-6 नहीं मिला है। विभाग ने इन जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को ऐसे केंद्रों की विशेष निगरानी करने को कहा है।
पांच जिलों के 5,046 बूथों पर सिर्फ 1 से 5 आवेदन
कम आवेदन वाले मतदान केंद्रों की संख्या भी काफी अधिक है। धनबाद के 1,243, गिरिडीह के 1,072, रांची के 981, पलामू के 936 और हजारीबाग के 814 मतदान केंद्रों पर केवल एक से पांच फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं। यानी इन पांच जिलों में 5,046 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां नए मतदाताओं के आवेदन की संख्या पांच या उससे कम है।

हर बूथ पर औसतन 60 आवेदन का अनुमान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2024 के बाद करीब दो वर्ष की अवधि बीत चुकी है। राज्य में हर साल करीब चार प्रतिशत मतदाताओं के स्थानांतरण को देखते हुए प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन लगभग 60 फॉर्म-6 प्राप्त होने का अनुमान है। ऐसे में कई केंद्रों पर आवेदन शून्य या बेहद कम होना गंभीर विषय है।

घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
के. रवि कुमार ने बीएलओ को ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन के दौरान घर-घर जाकर नए और युवा पात्र नागरिकों की पहचान करने का निर्देश दिया है। पात्र नागरिकों से फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र लेकर उनका समयबद्ध डिजिटाइजेशन कराया जाएगा। स्कूल और कॉलेजों में भी विशेष अभियान चलाकर युवाओं को मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।

एक अक्टूबर को अर्हता तिथि
निर्वाचन विभाग के अनुसार एक अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए इस तारीख तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अथवा पूरी करने वाले सभी पात्र भारतीय नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाना है। विभाग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की लगातार समीक्षा करने को कहा है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर के तहत मतदाता पंजीकरण से जुड़े अभिलेख भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं और इन्हें स्थायी दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। इसलिए प्राप्त फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र के डिजिटाइजेशन तथा नियमानुसार निष्पादन में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरती जाए।

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