
Jamshedpur : जमशेदपुर के बिरसानगर क्षेत्र की रहने वाली 68 वर्षीय सुकुरमनी हांसदा ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को आवेदन देकर मानापीटा (भाजपीटा) मौजा स्थित अपनी पुश्तैनी रैयती भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण कार्य रोकने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्ष 1932 के सर्वे खतियान में दर्ज उनके पूर्वजों की रैयती भूमि को वर्ष 1964 के सर्वे सेटलमेंट के दौरान कथित रूप से गलत तरीके से अन्य लोगों के नाम दर्ज करा दिया गया।
आवेदन में सुकुरमनी हांसदा ने बताया कि मौजा मानापीटा के खाता संख्या 34, प्लॉट संख्या 25 एवं 26 की कुल 53 डिसमिल भूमि वर्ष 1932 के खतियान में उनके पूर्वजों के नाम दर्ज थी। वहीं वर्ष 1964 के सर्वे सेटलमेंट में खाता संख्या 166, प्लॉट संख्या 119 के तहत 52 डिसमिल भूमि कथित रूप से अवैध तरीके से दर्ज कर ली गई।
महिला का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने अपने पूर्वजों के नाम पर इस भूमि को दर्ज कराकर अब भूमि माफियाओं के साथ मिलकर उस पर जबरन कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, विवादित भूमि पर निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
सुकुरमनी हांसदा ने उपायुक्त से मांग की है कि विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, वर्ष 1932 के मूल खतियान के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उनकी रैयती भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिरसानगर थाना को आवश्यक निर्देश देने की भी मांग की है।
महिला ने आवेदन के साथ 1932 के खतियान की प्रति तथा आधार कार्ड की छायाप्रति भी संलग्न की है। अब इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

