
Jamshedpur : टाटा पावर को सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) से महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के भिवपुरी स्थित 1000 मेगावाट पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) से 324 मेगावाट बिजली की आपूर्ति के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्राप्त हुआ है।
यह परियोजना SECI की टैरिफ आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के तहत प्रदान की गई है। इस परियोजना के लिए टाटा पावर ने 40 वर्षों का पंप्ड स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट (PPA) किया है और इसका संचालन वर्ष 2029 तक शुरू होने की उम्मीद है। बिल्ड-ओन-ऑपरेट (BOO) मॉडल पर होगा विकास
परियोजना को बिल्ड-ओन-ऑपरेट (BOO) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। यह बिजली की अधिक मांग के समय 8 घंटे तक ऊर्जा भंडारण की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे ग्रिड को विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। परियोजना को 765/400 केवी साउथ कलांब ISTS सब-स्टेशन से जोड़ा जाएगा।
टाटा पावर के अनुसार यह परियोजना भारत में तेजी से बढ़ रही सौर और पवन ऊर्जा को ग्रिड में बेहतर तरीके से एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। दिन के समय उत्पन्न अतिरिक्त नवीकरणीय ऊर्जा को संग्रहित कर जरूरत के समय बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। कंपनी की कुल पंप्ड स्टोरेज क्षमता 2800 मेगावाट
भिवपुरी परियोजना के साथ टाटा पावर पश्चिमी घाट में 1800 मेगावाट शिरवाटा पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर भी काम कर रही है। दोनों परियोजनाओं को मिलाकर कंपनी की कुल पंप्ड स्टोरेज क्षमता 2800 मेगावाट होगी।
वर्तमान में टाटा पावर का स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा पोर्टफोलियो 17.5 गीगावाट का है, जिसमें 9.6 गीगावाट की विकासाधीन परियोजनाएं शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि यह उपलब्धि उसके नेट ज़ीरो 2045 लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

