पॉलिटिकल डेस्क। नई दिल्ली: 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने नई गाइडलाइन जारी की है और सबसे महत्वपूर्ण गाइडलाइंस नाबालिकों को लेकर हैं। इस गाइडलाइन के तहत, बच्चों या नाबालिगों का चुनाव प्रचार पोस्टर्स, रैलियों या किसी भी अन्य तरीके से इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया गया है। वहीं गाइडलाइन में यह भी कहा गया है की अगर किसी भी दल या किसी संगठन को ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ बालश्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Election Commission- आयोग ने यह फैसला क्यों लिया?
आयोग का मानना है कि बच्चों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। यह बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करता है, जो उनके विकास के लिए हानिकारक हो सकता है।
New Guidelines- क्या शामिल है?
बच्चों को चुनाव प्रचार पोस्टर्स, रैलियों, या किसी भी अन्य तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। वहीं राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को बच्चों को चुनाव प्रचार में शामिल करने से बचना होगा। यदि कोई राजनीतिक दल या उम्मीदवार इस गाइडलाइन का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल,अपने माता-पिता के साथ मौजूदगी को बच्चों के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
इस फैसले का क्या प्रभाव होगा?
इस फैसले का चुनाव प्रचार पर काफी प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। राजनीतिक दलों को अब अपने चुनाव प्रचार अभियानों में बच्चों का इस्तेमाल करने से बचना होगा। चुनाव आयोग का यह फैसला बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने से बचाने में मदद करेगा और उनके विकास को सुनिश्चित करेगा।
यह भी ध्यान रखें:-
– यह गाइडलाइन केवल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए लागू है।
-यह गाइडलाइन सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू होगी।
-चुनाव आयोग इस गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
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