- मुंबई नॉर्थ सेंट्रल लोकसभा सीट पर 20 मई को होना है मतदान
MUMBAI/Loksabha Elections: लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्याशियों की 15वीं लिस्ट जारी कर दी है। इसमें मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से दो बार की सांसद पूनम महाजन का टिकट काट दिया गया है। बीजेपी ने उनकी जगह मशहूर वकील उज्ज्वल निकम को चुनाव मैदान में उतारा है। उज्जवल निकम आतंकी अजमल कसाब को फांसी दिलवाने को लेकर चर्चा में आए थे।
वह 1993 के बम धमाकों की भी सरकारी पक्ष से पैरवी कर चुके हैं। टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार हत्याकांड, भाजपा के दिग्गज नेता रहे प्रमोद महाजन हत्याकांड और 2008 मुंबई हमले सहित कई मामलों को लेकर उज्जवल चर्चा में रहे थे।
वर्ष 2010 में उज्जवल निकम ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर आयोजित विश्वव्यापी सम्मेलन में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया था। 2016 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उज्जवल महाराष्ट्र के जलगांव से आते हैं और पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें चुनाव मैदान में उतारने को लेकर पार्टी में मंथन हुआ था। हालांकि बात नहीं बनी। मुंबई नॉर्थ सेंट्रल लोकसभा सीट पर 20 मई को मतदान होना है।
Loksabha Elections: दो बार से सांसद चुनी जा रही थीं पूनम महाजन
मुंबई नॉर्थ सेंट्रल सीट पर 2014 व 2019 में पूनम महाजन ने जीत हासिल की थी। इस सीट पर 2009 में वरिष्ठ वकील महेश राम जेठमलानी भाजपा के टिकट पर उतरे थे, जिन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यहां बता दें कि पूनम महाजन भाजपा के दिग्गज नेता रहे प्रमोद महाजन की बेटी हैं।
Loksabha Elections: यह बड़ी जिम्मेदारी, राजनीति का अनुभव नहीं: उज्ज्वल
भाजपा का टिकट मिलने पर अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है। राजनीति में मेरी विशेषज्ञता तो नहीं रही है, लेकिन काम को लेकर मैंने इस पर काफी अध्ययन किया है। प्रधानमंत्री के कार्य से प्रेरित होकर ही मैंने राजनीति में उतरने और चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
Loksabha Elections: 10 साल तक जनता की सेवा की, पीएम व बीजेपी का धन्यवाद : पूनम
उधर टिकट काटे जाने के बाद पूनम महाजन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें 10 साल तक सांसद के रूप में जनता की सेवा करने का मौका मिला। मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा क्षेत्र की सेवा का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री और बीजेपी का धन्यवाद। एक सांसद नहीं, वरन एक बेटी के रूप में जनता ने उन्हें जो स्नेह दिया, उसके लिए वह उनकी सदा आभारी रहेंगी। मेरा जीवन देश को समर्पित रहेगा।

