सेंट्रल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इन दिनों लाओस की राजधानी वियनतियाने पहुंचे हुए है। वहां उन्हें ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेना है। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत आसियान देशों की एकता का हमेशा से समर्थन करता है। ASEAN हमेशा भारत के इंडो-पैसिफिक विजन और क्वाड को-ऑपरेशन के सेंटर में है।
आगे पीएम ने आसियान और भारत के बीच गहरी समानता की चर्चा करते हुए कहा कि भारत की इंडो पैसिफिक महासागरों की पहल और इस पर आसियान आउटलुक के बीच गहरी समानताएं है। एक स्वतंत्र, समावेशी, समृद्ध औऱ नियमों पर बना इंडो पैसिफिक पूरे एशियाई क्षेत्र में शांति औऱ प्रगति बनाए रखने के लिए आवश्यक है। दक्षिण चीन सागर के संबंध में पीएम ने कहा कि दक्षिण चीन सागर की शांति, सुरक्षा और स्थिरता पूरे इंडो पैसिफिक क्षेत्र के पक्ष में जरूरी है।
शान्ति और स्थिरता बहाल हो: पीएम मोदी
21 वीं सदी को भारत और आसियान देशों की सदी बताते हुए पीएम ने आगे कहा कि आज जब दुनिया में संघर्ष और तनाव की स्थिति है, तब भारत और आसियान देशों के बीच मित्रता, संवाद और संयोग बेहद जरूरी है। आगे पीएम अपने भाषण में बोले कि दुनिया के अलग-अलग देशों में जो संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, उसका निगेटिव असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है। सभी चाहते है यूरेशिया से लेकर पश्चिम एशिया तक जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल हो।
पीएम के भाषण में महात्मा बुद्ध का जिक्र न हो, ऐसा नहीं हो सकता। पीएम ने कहा कि मैं बुद्ध की धरती से आता हूं और मैं सबसे कहता हूं कि यह युग युद्ध का नहीं है। युद्ध को सभी के लिए नुकसानदायी बताते हुए पीएम ने संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वबंधु का दायित्व निभाते हुए भारत संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात भी कही।
म्यांमार पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
म्यांमार की स्थिति पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम म्यांमार के साथ पांच सूत्रीय सहमति के साथ है। मानवीय सहायता का पक्ष लेते हुए पीएम ने कहा कि लोकतंत्र की बहाली के लिए भी उचित कदम उठाए जाने चाहिए। पीएम ने कहा कि मैं समझता हूं कि म्यांमार को अलग नहीं किया जाना चाहिए बल्कि एक पड़ोसी देश होने के नाते भारत अपना कर्तव्य निभाता रहेगा।
सम्मलेन में ये देश थे शामिल
इस सम्मेलन में आसियान के 10 सदस्य देशों और 8 सहयोगी देशों ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, रूस और अमेरिका शामिल हुए। 1967 में बैंकॉक में आसियान की शुरूआत हुई थी। एसोसिएशन ऑफ साउथ-ईस्ट एशियन- नेशन्स (ASEAN) में कुल 10 सदस्य देश है, जिनमें इंडोनेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, म्यांमार, कंबोडिया, ब्रुनेई और लाओस शामिल है।
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