Home » Women Gang China Garlic Smuggling : महिला गैंग नेपाल के रास्ते उत्तर बंगाल में कर रहा चीनी लहसुन की तस्करी

Women Gang China Garlic Smuggling : महिला गैंग नेपाल के रास्ते उत्तर बंगाल में कर रहा चीनी लहसुन की तस्करी

by Anand Mishra
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल में चीन से आने वाला लहसुन नेपाल के रास्ते प्रवेश कर रहा है, और यह तस्करी एक महिला गैंग के जरिए की जा रही है। इस गैंग की महिलाएं रिश्वत देकर भारत-नेपाल सीमा पार कर मेची नदी से लहसुन की तस्करी करती हैं। छोटी-छोटी बोरियों में पैक किया गया यह लहसुन पहले टोटो वाहनों और फिर छोटी गाड़ियों से सिलीगुड़ी के बर्दवान रोड पहुंचाया जाता है। इस गैंग की सदस्य मुख्य रूप से नक्सलबाड़ी और पानीटंकी इलाके की महिलाएं हैं, जिनके साथ स्थानीय युवा भी इस अपराध में शामिल हैं।

एसएसबी की कार्रवाई: तस्करी के खिलाफ सख्त कदम

कुछ दिन पहले, एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के जवानों ने एक तस्करी गैंग का पर्दाफाश करते हुए 300 बोरी चीनी लहसुन बरामद किया था। एसएसबी के 41वीं बटालियन के जवानों ने नक्सलबाड़ी थाने के रथखोला इलाके में दो पिकअप वैन से चीनी लहसुन जब्त किया। इस दौरान तस्करों और एसएसबी के जवानों के बीच झड़प भी हुई थी। एक एसएसबी अधिकारी ने बताया कि स्थानीय महिलाओं ने जवानों को रोकने की कोशिश की, और कुछ जवानों से लहसुन की बोरी भी छीनकर भागने की कोशिश की थी। बावजूद इसके, एसएसबी ने दो पिकअप वैन को कब्जे में लिया और कस्टम अधिकारियों को सौंप दिया।

चीनी लहसुन की तस्करी के नए रास्ते

एसएसबी ने इस मामले में काम में बाधा डालने के आरोप में एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, शुक्रवार को प्रधाननगर थाने की पुलिस ने नेपाल सीमा से एक पिकअप वैन को जब्त करते हुए करीब नौ टन चीनी लहसुन बरामद किया। पुलिस ने पिकअप वैन के चालक अविनाश महतो को गिरफ्तार किया। यह पिकअप वैन रेगुलेटेड मार्केट शहर में लहसुन लेकर आ रही थी। सूत्रों के अनुसार, रेगुलेटेड मार्केट के कुछ व्यापारी नेपाल के व्यापारियों से ऑर्डर भेजते हैं, जिसके बाद लहसुन मेची नदी के पार भेजा जाता है और महिला गैंग उसे अपने कब्जे में लेती है।

चीनी लहसुन का बढ़ता कारोबार और उसका खतरा

हालांकि भारत में चीनी लहसुन पर प्रतिबंध है, लेकिन इसकी भारी डिमांड के कारण कुछ व्यवसायी इस तस्करी में शामिल हैं। यह व्यापारी फर्जी रसीदों का इस्तेमाल करके लहसुन को मध्य प्रदेश या गुजरात का बताकर सिलीगुड़ी तक भेजते हैं। प्रधाननगर थाने के आईसी वासुदेव सरकार ने कहा कि लहसुन पर कोई लिखावट नहीं होती, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि यह कहाँ से आया है। यही वजह है कि चीनी लहसुन की तस्करी पकड़ना चुनौतीपूर्ण बन जाता है।

पुलिस की सक्रियता: तस्करी पर कड़ी नजर

सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डीसीपी (वेस्ट) विश्वचंद ठाकुर ने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि चीनी लहसुन सिलीगुड़ी के बाजार तक कैसे और कहाँ से पहुंच रहा है।

Read Also- “नासिर पठान” नाम से महाकुंभ मेले को उड़ाने की दी थी धमकी, UP पुलिस ने किया गिरफ्तार

Related Articles