रांची : हजारीबाग में हुई घटना को लेकर झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा परिसर में अपनी प्रतिक्रिया दी। दोनों नेताओं ने इस घटना को गंभीर रूप से उठाया और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
सुदिव्य कुमार सोनू ने क्या कहा?
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि हजारीबाग की घटना के पीछे का कारण किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां भाजपा की सरकार नहीं होती, वहां ऐसी घटनाएं बार-बार घटती हैं, जो एक स्पष्ट संदेश देती हैं। उन्होंने इसे हजारीबाग को एक ‘एपिक सेंटर’ के रूप में देखने का संकेत दिया और कहा कि अगर यह घटना सुनियोजित थी तो सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए। मंत्री सुदिव्य कुमार ने आगे कहा कि झारखंड की जनता ने कभी भी ऐसे विद्रोही तत्वों का स्वागत नहीं किया है और यदि राजनीतिक दलों ने जनादेश को न समझा, तो 2019 और 2024 के बाद, शायद 2029 में इसका असर उन पर दिखेगा।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया : सुनियोजित हमला
नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को पूरी तरह से सुनियोजित बताते हुए कहा कि यह सरकार के तुष्टीकरण की राजनीति का नतीजा है। उनका कहना था कि तुष्टीकरण के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं और धर्म के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों को खुला छोड़ दिया गया है। बाबूलाल मरांडी ने कहा, “यह घटना पहले से ही योजना बनाकर की गई थी, और इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि बिजली काट दी गई थी।” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि झारखंड के हर इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए ताकि हर घटना की निगरानी की जा सके और अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।
सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
दोनों नेताओं ने राज्य सरकार से अपील की कि वह इस प्रकार के तत्वों से सख्ती से निपटे और तुष्टीकरण की बजाय कानून व्यवस्था को मजबूत करें। उनका कहना था कि अगर सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

