Jamshedpur (Jharkhand) : राज्य के विश्वविद्यालयों के अधीन संचालित अंगीभूत, नवांगीभूत व संबद्ध डिग्री कॉलेजों में इस वर्ष से इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद कर दी गई है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से बताया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के सुसंचालन को ध्यान में यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही बताया गया है कि इस वर्ष आरंभ हो रहे सत्र में डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट में एडमिशन नहीं लिया जाना है। वहीं राज्य भर के डिग्री कॉलेजों में संचालित इंटरमीडिएट कक्षाओं के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समक्ष बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसे लेकर अब वे शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए डिग्री कॉलेजों एवं प्लस स्कूलों में रिक्त पदों पर समायोजन की मांग कर रहे हैं।
राज्य के डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद करने के संबंध में राज्यपाल सचिवालय की संयुक्त सचिव अर्चना मेहता ने अधिसूचना के माध्यम से कोल्हान विश्वविद्यालय (चाईबासा), विनोबा भावे विश्वविद्यालय (हजारीबाग), सिद्धो-कान्हो विश्वविद्यालय (दुमका) और नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (मेदिनीनगर) के कुलपतियों को जानकारी दी है। उन्होंने में किसी भी कॉलेज में इंटरमीडिएट में एडमिशन नहीं लेने का निर्देश दिया है। किसी कॉलेज में एडमिशन लिए जाने की स्थिति में संबंधित विश्वविद्यालय इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि उक्त निर्णय व निर्देश के बावजूद किसी कॉलेज में एडमिशन लिया जाता है तो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
केयू ने कॉलेजों से मांगी रिपोर्ट
राज्यपाल सचिवालय की अधिसूचना के आलोक में कोल्हान विश्वविद्यालय ने अधीनस्थ कॉलेजों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि यदि किसी कॉलेज में एडमिशन ले लिया गया है, तो वे इसकी रिपोर्ट सौंपें, ताकि उन विद्यार्थियों के लिए समुचित व्यवस्था की जा सके। साथ ही अब एडमिशन नहीं लेने को कहा गया है।

