रांची/जमशेदपुर: Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून का असर अब साफ नजर आने लगा है। इस वर्ष संताल परगना के रास्ते 17 जून से दक्षिण पश्चिम मानसून का झारखंड में प्रवेश हुआ है। जमशेदपुर और राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं। बुधवार को अहले सुबह से ही रांची व आसपास के जिलों में रुक-रुक कर वर्षा हो रही है।
नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मंगलवार से लगातार बारिश हो रही है और बुधवार को भी भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के पूर्वानुमान के आधार पर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका
पूर्वी सिंहभूम प्रशासन ने स्वर्णरेखा और खरकई नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सचेत किया है। तेज बारिश के चलते इन नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिला प्रशासन ने कहा है कि नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रह रहे लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, राहत टीम तैनात
पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। राहत और बचाव दल को अलर्ट मोड पर रखा गया है और स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। नगर निकायों, अंचल अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
Meteorological Department Jharkhand : नागरिकों से अपील: अफवाहों से बचें, निर्देशों का पालन करें
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि नदी के पास जाने से बचें, और जरूरी कारणों को छोड़कर घर से बाहर न निकलें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिक स्थानीय नगर निकाय, प्रखंड कार्यालय या नजदीकी थाना से तुरंत संपर्क करें। इसके साथ ही लोगों से अफवाहों से दूर रहने और केवल सरकारी सूचनाओं पर विश्वास करने की अपील की गई है।
Heavy Rain Alert Jharkhand : इस बार मानसून की अच्छी वर्षा के हैं संकेत
झारखंड में मानसून की बारिश शुरू होने के बाद गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन शहरी क्षेत्र में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों में अगले दो-तीन दिनों तब वर्षा होने की संभावना जताई है। अगले 24 घंटों के दौरान झमाझम वर्षा की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा को लेकर येलो और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में भारी वर्षा होगी।
Jharkhand lightning warning : बिजली गिरने की घटना को लेकर रहें सचेत
अच्छी वर्षा के साथ मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को सचेत रहने की आवश्यकता है। इस बार सामान्य से अच्छी वर्षा की संभावना के बावजूद वर्षा के वितरण में जिलों में कुछ असमानता भी देखने को मिल सकती है। वहीं कृषि विज्ञानी कहते हैं कि समय से मानसून का प्रवेश होने से अच्छी वर्षा होगी और किसानी को भी बल मिलेगा।
Rain Red Alert Jharkhand : यलो और आरेंज के अलावा रेड अलर्ट भी जारी
राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा को लेकर यलो व आरेंज नहीं बल्कि रेड अलर्ट जारी किया गया है। 18 जून को राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और साहिबगंज के अलावे निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो और खूंटी में कहीं कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। इसे लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर पूर्वी हिस्से के अलावे दक्षिणी हिस्से यानी पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां और उत्तर पश्चिमी हिस्से यानी पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, लातेहार और लोहरदगा में कहीं कहीं भारी वर्षा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में यह स्थिति 21 जून तक देखने को मिलेगी।
अच्छी वर्षा की उम्मीद से खिले किसानों के चेहरे
इस साल एक जून से 17 जून तक राज्य में कुल 31.9 मिमी वर्षा हुई है जबकि सामान्य वर्षापात 67 मिमी होना था और अब तक पूरे राज्य में 52 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। झारखंड में 80 प्रतिशत से अधिक खेती मानसून पर ही निर्भर है। यदि मानसून के दौरान अच्छी वर्षा न हो, तो कई क्षेत्रों में पेयजल संकट की भी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी रिपोर्ट में इस वर्ष अच्छी वर्षा के संकेत हैं। राज्य में पिछले 10 वर्षों के आंकड़े से साफ हो जाता है कि किसी भी वर्ष सामान्य वर्षापात नहीं हुआ। सामान्य से कम वर्षा रिकार्ड की गई। हालांकि 2013 में सामान्य वर्षा का जो आंकड़ा था, उसे पांच-पांच साल के अंतराल के बाद कम किया जाता रहा लेकिन उसके बावजूद सामान्य वर्षा दर्ज नहीं की जा सकी।
जिलों में अब तक सामान्य से कम हुई वर्षा :
| क्रम | जिला | वास्तविक वर्षापात (मिमी) | सामान्य वर्षापात (मिमी) | कमी (%) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | बोकारो | 33.8 | 63 | 46% |
| 2 | चतरा | 3.9 | 51.4 | 92% |
| 3 | देवघर | 38.6 | 68.7 | 44% |
| 4 | धनबाद | 51.3 | 78.3 | 35% |
| 5 | दुमका | 61.3 | 77 | 20% |
| 6 | पूर्वी सिंहभूम | 22.3 | 95.2 | 77% |
| 7 | गढ़वा | 5.4 | 39.5 | 86% |
| 8 | गिरिडीह | 18.2 | 65 | 72% |
| 9 | गोड्डा | 35.6 | 70.3 | 49% |
| 10 | गुमला | 33.7 | 63.3 | 47% |
| 11 | हजारीबाग | 31.1 | 68.7 | 55% |
| 12 | जामताड़ा | 51.6 | 79.7 | 35% |
| 13 | खूंटी | 34.3 | 78 | 56% |
| 14 | कोडरमा | 20.5 | 49.7 | 59% |
| 15 | लातेहार | 45.3 | 50.9 | 11% |
| 16 | लोहरदगा | 24 | 63 | 62% |
| 17 | पाकुड़ | 70.7 | 92.4 | 24% |
| 18 | पलामू | 4.5 | 29.9 | 85% |
| 19 | रामगढ़ | 3.8 | 71.9 | 95% |
| 20 | रांची | 20.6 | 69.2 | 70% |
| 21 | साहिबगंज | 78.4 | 92.6 | 15% |
| 22 | सरायकेला खरसावां | 54.7 | 81.1 | 33% |
| 23 | सिमडेगा | 61.2 | 73.2 | 16% |
| 24 | पश्चिमी सिंहभूम | 33.3 | 74.9 | 56% |
किस वर्ष कब मानसून ने किया प्रवेश :
| वर्ष | आगमन की तिथि | प्रस्थान की तिथि |
|---|---|---|
| 2001 | 4 जून | 13 अक्टूबर |
| 2002 | 11 जून | 10 अक्टूबर |
| 2003 | 23 जून | 11 अक्टूबर |
| 2004 | 13 जून | 11 अक्टूबर |
| 2005 | 23 जून | 7 अक्टूबर |
| 2006 | 6 जून | 9 अक्टूबर |
| 2007 | 14 जून | 12 अक्टूबर |
| 2008 | 10 जून | 12 अक्टूबर |
| 2009 | 24 जून | 12 अक्टूबर |
| 2010 | 17 जून | 11 अक्टूबर |
| 2011 | 15 जून | 13 अक्टूबर |
| 2012 | 19 जून | 15 अक्टूबर |
| 2013 | 18 जून | 19 अक्टूबर |
| 2014 | 18 जून | 17 अक्टूबर |
| 2015 | 15 जून | 19 अक्टूबर |
| 2016 | 17 जून | 19 अक्टूबर |
| 2017 | 16 जून | 17 अक्टूबर |
| 2018 | 25 जून | 5 अक्टूबर |
| 2019 | 21 जून | 14 अक्टूबर |
| 2020 | 13 जून | 26 अक्टूबर |
| 2021 | 12 जून | 11 अक्टूबर |
| 2022 | 18 जून | 20 अक्टूबर |
| 2023 | 19 जून | 13 अक्टूबर |
| 2024 | 21 जून | 13 अक्टूबर |
| 2025 | 17 जून | — |
Jharkhand Monsoon Alert Today : राज्य में ऐसा रहा मौसम
पिछले 48 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में लगभग सभी स्थानों पर बादल गरजने के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा हुई जबकि कहीं कहीं भारी वर्षा रिकार्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा 73.2 मिमी धनबाद के पंचेत में हुई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस गुमला का रिकार्ड किया गया है। वहीं राजधानी रांची का अधिकतम 34.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
Read Also- Jharkhand Weather Today : झारखंड में मानसून की पहली बारिश, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

