Jamshedpur : आदित्यपुर स्थित श्रीनाथ विश्वविद्यालय में बुधवार को विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रहे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल विश्वविद्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए भी गर्व और उपलब्धि का क्षण होता है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज से उनके जीवन की एक नई यात्रा की शुरुआत हो रही है। दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि यह विद्यार्थियों के संघर्ष, अनुशासन, परिश्रम और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आने वाले जीवन में ज्ञान के साथ-साथ मूल्य, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व ही विद्यार्थियों की वास्तविक पहचान बनेंगे।
निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे यूजीसी द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन करें। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत संरचना, योग्य संकाय, शोध और नवाचार को बढ़ावा देना आज की जरूरत है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से प्लेसमेंट सेल को अधिक सक्रिय करने और उद्योगों से मजबूत जुड़ाव स्थापित करने पर बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि केवल उपाधि पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारपरक शिक्षा समय की मांग है।
इस प्रथम दीक्षांत समारोह में 2021, 2022 एवं 2023 शैक्षणिक सत्रों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुखदेव महतो, कुलपति प्रो. डॉ. एस.एन. सिंह, कुल सचिव डॉ. याहिया मजूमदार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह की मुख्य उपलब्धियां
- कुल 529 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं
- 44 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला
- स्नातकोत्तर के 121 छात्रों को डिग्री
- स्नातक के 169 छात्रों को डिग्री
- डिप्लोमा के 239 छात्रों को डिग्री
अपने संस्कार और अपनी मिट्टी से जुड़े रहें छात्र: सविता महतो
समारोह की विशिष्ट अतिथि ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने कहा कि यह दिन पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने संस्कार और अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि एक अच्छा और जिम्मेदार इंसान बनना भी है।

