रांची : निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे और विनय सिंह सहित उनके परिजनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच तेज हो गई है। इस कड़ी में एसीबी ने दो कारोबारियों- श्रवण जालान और नवीन पटवारी को नोटिस जारी कर सोमवार को रांची स्थित एसीबी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों से इस हाई-प्रोफाइल मामले में वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से पूछताछ की जाएगी।
विनय चौबे केस में ACB की जांच का दायरा बढ़ा
एसीबी सूत्रों के अनुसार, अनुसंधान के दौरान यह जानकारी सामने आई थी कि निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे से जुड़े कथित अवैध धन के लेन-देन में कारोबारी श्रवण जालान की भूमिका हो सकती है। जांच एजेंसी को संदेह है कि आय से अधिक संपत्ति से जुड़े पैसों को हवाला और अन्य माध्यमों से इधर-उधर किया गया। इसी आधार पर एसीबी ने पहले ही श्रवण जालान के कांटाटोली सराय रोड स्थित आवास और हरमू बाइपास स्थित उनके कार्यालय में छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन के विवरण के आधार पर अब एसीबी पूछताछ की अगली कड़ी में दोनों कारोबारियों से आमने-सामने सवाल-जवाब करने की तैयारी में है।
नवीन पटवारी की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच के क्रम में एसीबी को श्रवण जालान के दुमका निवासी रिश्तेदार नवीन पटवारी के बारे में भी अहम जानकारियां मिली थीं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ संदिग्ध वित्तीय ट्रांजैक्शन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में नवीन पटवारी का नाम सामने आने के बाद उन्हें भी जांच के दायरे में लाया गया है। इसी क्रम में एसीबी ने नवीन पटवारी को भी नोटिस भेजकर सोमवार को उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
सोमवार को होगी अहम पूछताछ
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि दोनों कारोबारियों की उपस्थिति में इस मामले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर स्पष्टता लाई जाएगी। पूछताछ के दौरान मनी ट्रेल, बैंक खातों, रियल एस्टेट निवेश और कथित हवाला नेटवर्क से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई के तहत अन्य लोगों को भी तलब किया जा सकता है।
पहले से जांच के घेरे में हैं विनय चौबे
गौरतलब है कि निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला पहले से ही एसीबी में दर्ज है। जांच एजेंसी उनके ज्ञात आय स्रोतों और संपत्तियों के बीच असमानता की पड़ताल कर रही है। इस मामले में पहले भी कई ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
झारखंड में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एसीबी की सक्रियता लगातार बढ़ी है। विनय चौबे प्रकरण में कारोबारी नेटवर्क की भूमिका की जांच से यह संकेत मिल रहा है कि एजेंसी इस मामले को केवल सरकारी अधिकारियों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि कथित आर्थिक सहयोगियों और बिचौलियों की भूमिका को भी सामने लाने पर जोर दे रही है।

