RANCHI : रांची नगर निगम में लोगों की सुविधा के लिए लागू किया गया टोकन सिस्टम अब सवालों के घेरे में है। जिस व्यवस्था को लोगों की भीड़ को व्यवस्थित करने और समय की बचत के लिए शुरू किया गया था, वहीं अब अव्यवस्था का कारण बन गया है। न टोकन का डिसप्ले और न ही नंबर से काम। ये आम लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। इस चक्कर में लोग काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करते देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद रांची नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
निगम कार्यालय में रोजाना सैकड़ों लोग अपने विभिन्न कार्यों जैसे होल्डिंग टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नक्शा पास कराने, शिकायत करने और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। इसके लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया था, ताकि हर व्यक्ति को उसकी बारी के अनुसार सेवा मिल सके। लेकिन, हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि टोकन मिलने के बावजूद काम उसी आधार पर नहीं हो रहा है। कई मामलों में बिना टोकन वाले लोगों का काम पहले हो जा रहा है, जबकि टोकन लेकर घंटों इंतजार कर रहे लोगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पारदर्शिता पर उठने लगा है सवाल
निगम कार्यालय पहुंचे कुछ लोगों ने बताया कि सुबह से लाइन में लगकर टोकन लेने के बाद भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ लोग सीधे जाकर अपना काम करवा लेते हैं। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता का अंदाजा लगाया जा सकता हैं। इतना ही नहीं इस व्यवस्था से लोगों का भरोसा भी कमजोर हो रहा है। नगर निगम में टोकन सिस्टम लागू करने का उद्देश्य था कि लोगों को धक्का मुक्की और अव्यवस्था से बचाया जा सके, लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह फेल होती नजर आ रही है। कई बार टोकन काउंटर पर भी लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है।
नियम का सख्ती से होना चाहिए पालन
लोगों का कहना है कि यदि टोकन सिस्टम लागू किया गया है तो उसे सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। साथ ही निगम प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिना टोकन किसी का काम न हो, ताकि सभी लोगों को समान रूप से सुविधा मिल सके। अब देखना यह होगा कि निगम प्रशासन इस व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

