चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल के राउरकेला रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकटों की कालाबाजारी की लगातार शिकायत हो रही है। इसको लेकर रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय से इंटरनल विजिलेंस ग्रुप (आईवीजी) की टीम राउरकेला स्टेशन पहुंची। यह टीम जांच में जुट गई है।
आईवीजी इंस्पेक्टर राज कुमार सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने स्टेशन के आरक्षण केंद्र का निरीक्षण शुरू कर दिया है। टीम सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए विशेष रूप से तत्काल टिकट बुकिंग के समय काउंटर में लाइन में खड़े लोगों व क्लर्क और आरपीएफ की गतिविधियों की जांच कर रही है।
बढ़ गईं आरपीएफ की मुश्किलें
इस कार्रवाई से राउरकेला आरपीएफ की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब तत्काल टिकट की कालाबाज़ारी की शिकायत पर आईवीजी टीम की जांच हो रही है। इससे पहले भी कई बार आईवीजी की टीम जांच कर चुकी है और हर बार राउरकेला आरपीएफ को क्लीन चिट मिलती रही है। लेकिन इस बार यात्रियों ने जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेल यात्रियों का आरोप है कि आईवीजी टीम के आने की सूचना पहले ही आरपीएफ को मिल जाती है। इसके चलते दलालों को अस्थायी रूप से स्टेशन से दूर रखा जाता है। नतीजतन जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आती है और मामला दब जाता है।
सीसीटीवी से खुलेगा राज
रेल यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर खुलेआम दलाल आरक्षण केंद्र में टिकट बनवाते देखे जा सकते हैं। यात्रियों ने मांग की है कि यदि पिछले एक-दो महीनों के तत्काल टिकट बुकिंग के समय के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए, तो पूरे मामले की सच्चाई उजागर हो सकती है। इस बीच, रेल यात्रियों ने आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा और रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही रेलवे को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में सार्थक कदम साबित होगी। हालांकि, इस संबंध में कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
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