Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित महिला कॉलेज के बीएड विभाग में सोमवार को आयोजित ईद मिलन समारोह अचानक विवादों में घिर गया। सोशल मीडिया और कुछ छात्राओं के जरिए अफवाह फैला दी गई। अफवाह सुनने के बाद कई संगठनों के लोग कॉलेज पहुंच गए। भारी बवाल होते होते बचा। कॉलेज प्रबंधन को साफ सफाई देनी पड़ी। तब जाकर मामला शांत हुआ। अब कॉलेज प्रबंधन ने कमेटी बनाई है और तय किया गया है कि प्रोग्राम को बदनाम करने की साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कमेटी साजिश करने वालों का पता लगाएगी।
यह फैलाई गई अफवाह
यह अफवाह फैलाई गई कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी छात्राओं को बुर्का पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, अन्यथा उनकी तीन दिनों की हाजिरी काट दी जाएगी। विरोध के बाद कॉलेज ने दी सफाई अफवाह की जानकारी मिलते ही बजरंग दल और अन्य संगठनों के सदस्य कॉलेज पहुंचे और प्राचार्या डॉ. प्रीतिबाला सिन्हा से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्या स्वयं बीएड विभाग पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जांच की।जांच के बाद प्राचार्या ने स्पष्ट किया कि नकाब (बुर्का) पहनने को लेकर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया गया था। यह खबर पूरी तरह से भ्रामक और निराधार है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से छात्राओं से सीधे बात करने को कहा, जिससे सच्चाई सामने आ गई।
सांस्कृतिक शिक्षा का हिस्सा है आयोजन
बीएड विभाग की शिक्षिका डॉ. अर्पिता सुमन ने बताया कि इस तरह के आयोजन पाठ्यक्रम का हिस्सा होते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को देश की विविध संस्कृति और विभिन्न धर्मों के त्योहारों की जानकारी देना है।उन्होंने बताया कि कॉलेज में पहले भी माघे पर्व, क्रिसमस, होली, दिवाली और राष्ट्रीय पर्व मनाए जा चुके हैं। ईद मिलन भी उसी परंपरा का हिस्सा था, जहां छात्राओं ने आपसी भाईचारे के साथ सेवई और लच्छे का आनंद लिया।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई गई। अब उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने इस अफवाह को फैलाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

